बटाला पत्रकार हमला मामला, कोर्ट ने आरोपी पुलिस अधिकारियों की जमानत याचिका की खारिज
बटाला में पत्रकार बलविंदर भल्ला की पिटाई के मामले में कोर्ट ने दो पुलिस अधिकारियों की जमानत याचिका रद्द कर दी है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने बेरहमी से अनावश्यक ताकत का प्रयोग किया। सब इंस्पेक्टर सुरजीत कुमार और सब इंस्पेक्टर मनदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया है और वे अंडरग्राउंड हो गए हैं।
संवाद सहयोगी, बटाला। एक अगस्त को बटाला के डेरा बाबा नानक रोड पर स्थित मल्ही मार्केट में एक वर्दीधारी और सिविल वर्दी सब इंस्पेक्टों ने पत्रकार बलविंदर भल्ला की बेहरमी से पिटाई की थी।
सीनियर पत्रकार पर हुए हमले के मामले में कोर्ट ने दोनों पुलिस अधिकारियों की जमानत पटीशन को इस आधार पर रद्द कर दिया है कि उन्होंने बेरहमी और अनावश्यक ताकत का प्रयोग किया था। कोर्ट के इस फैसले से अब यह लगभग तय हो चुका है कि कथित अपराधी पुलिस अधिकारी जेल जाएंगे।
गौरतलब है कि सब इंस्पेक्टर सुरजीत कुमार और सब इंस्पेक्टर मनदीप सिंह दोनों निवासी बठिंडा विभाग की ओर से निलंबित किए हुए है। उधर अदालत के फैसले के बाद दोनों कथित अंडरग्राउंड हो गए है। जिला बटाला पुलिस प्रभारी के आदेश के बाद उनके खिलाफ एक जांच कमेटी भी बनाई गई है। कमेटी को एक डीएसपी के नेतृत्व में नियुक्त किया गया था।
जांच कमेटी को शीघ्र से शीघ्र अपनी रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए गए थे। उधर उक्त मामले के संबंध में राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन के डीजीपी पंजाब को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश जारी किया गया है।
कमिशन ने प्रदेश के पुलिस डायरेक्टर जनरल को दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगने के ले एक नोटिस जारी किया है। रिपोर्ट मेंजांच की स्थिति और पीड़ित पत्रकार की सेहत शामिल होने की उम्मीद है।
ज्ञात रहे कि उक्त घटना एक अगस्त को घटित हुई थी। दोनों पुलिस अधिकारी आजादी दिवस के मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बटाला में तैनात थे। अब देखना शेष है कि पुलिस इस मामले में कितनी गंभीरता से कार्रवाई करती है।
गौरतलब है कि एसआई मनदीप सिंह ने अपने वकील नवीन गुप्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत पिटीशन दायर की। आरोपित के वकील ने अपने क्लाईंट को बचाने के लिए हर चाल बरती।
अदालत ने भी उसी हर दलील को बहुत गंभीरता सुना, मगर कोर्ट में पेश किए गए सबूतों और दलीलों खास कर सीसीटीवी रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने भल्ला के समर्थन में फैसला दिया है और बचाव पक्ष की दलील को रद्द कर दिया और स्पष्ट रुप से अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया गया है।
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