फिरोजपुर [प्रदीप कुमार सिंह]। अमृतसर के जोड़ा रेलवे फाटक के पास डीएमयू ट्रेन लोगों पर चढ़ने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके कारण कई ट्रेनों को रद करना पड़ा है, जबकि कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। अमृतसर, जालंधर, लुधियाना आदि रेलवे स्टेशनों पर लोग सुबह से ही ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कई लोगों को ट्रेनों को रद होने की सूचना के बाद मायूस लौटना पड़ा। वहीं, रेलवे का कहना है कि वह ट्रेनों को चलाने के लिए तैयार है, लेकिन पंजाब सरकार उसे सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं दे रही है।

रेलवे ने शनिवार को 20 ट्रेनों को पूर्णत: रद, 6 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद करने के साथ ही 11 ट्रेनों को बदले रूट से चलाने का फैसला किया। घटना के बाद अमृतसर पहुंचे रेलवे के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। यह जानकारी फिरोजपुर मंडल रेलवे के प्रवक्ता व एडीआरएम नरेश कुमार वर्मा द्वारा दी गई है।

एडीआरएम वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को अमृतसर में हुए हादसे में लगभग 58 लोग मरे व 48 घायल हुए हैं, हालांकि इस संख्या में बदलाव हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में रेलवे की किसी प्रकार से कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है, फिर भी घटना आंतरिक जांच की जा रही है।

घटना के दूसरे दिन भी जालंधर-अमृतसर रेलवे सेक्शन के बाधित रहने पर उन्होंने कहा कि जब तक पंजाब रेलवे को सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं देती है तब तक रेलगाड़ियों का परिचालन संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि रेलवे रेलगाड़ियों का परिचालन करने के लिए तैयार है, जैसे ही पंजाब सरकार की ओर से सिक्योरिटी क्लीयरेंस मिलेगा तुरंत ही रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।

अमृतसर स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करते लोग।

फिरोजपुर मंडल रेलवे के डीओएम भूपिंदर भाटिया ने बताया कि शनिवार दिन में चार बजे तक अमृतसर-जालंधर सेक्शन के बाधित होने को देखते हुए, उक्त सेक्शन से गुजरने वाली शाम चार बजे तक 16 पैसेंजर ट्रेनों व चार एक्सप्रेस ट्रेनों को रद किया गया है, जबकि 6 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद करने के साथ ही 11 ट्रेनों को बदले रूट से चलाया जा रहा है। घटना के बाद से रेलवे पूरी तरह से सक्रिय दिखाई पड़ा, एक ओर जहां घटनास्थल की ओर दिल्ली से लेकर मंडल के उच्च अधिकारी रवाना हुए, वहीं दूसरी मंडल दफ्तर में दूसरे अधिकारी पूरी रात्रि जागते हुए घटना पर नजर लगाए रहे।

बदले रूट से चलाई गई ट्रेनें

  • 12204-अमृतसर-सहरसा
  • 14616-अमृतसर-लालकुंआ
  • 12716-अमृतसर-नानदेड़
  • 15708-अमृतसर-कटिहार
  • 12926-अमृतसर-ब्रांदा ट्रार्मिनल
  • 11058-अमृतसर-मुंबई
  • 22430-पठानकोट-दिल्ली
  • 13005-हावड़ा-अमृतसर
  • 14631-हावड़ा-अमृतसर
  • 18101-टाटा-अमृतसर
  • 15707-कटिहार-अमृतसर

रद की गई एक्सप्रेस ट्रेनें

  • 12411-चंडीगढ़-अमृतसर
  • 14506-नंगल डैम-अमृतसर
  • 12412-अमृतसर-चंडीगढ़
  • 14505-अमृतसर-नंगल डैम

आंशिक रूप से रद की गई ट्रेनें

  • 12014 अमृतसर-नई दिल्ली एक्सप्रेस को अमृतसर-जालंधर के मध्य रद
  • 12242-अमृतसर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस को अमृतसर-जालंधर के मध्य रद
  • 15210-अमृतसर-सहरसा एक्सप्रेस को अमृतसर-अंबाला के मध्य रद
  • 12904-अमृतसर-बांद्रा ट्रामिनल एक्सप्रेस को अमृतसर-अंबाला के मध्य रद
  • 18238-अमृतसर-विलासपुर एक्सप्रेस को अमृतसर-अंबाला के मध्य रद

अंबाला रुट की ये ट्रेनें हुई रद

रद होने वाली ट्रेनों में दिल्ली से वाया पानीपत, अंबाला होते हुए अमृतसर जाने वाली ट्रेनें भी शामिल हैं।

ये ट्रेनें रद

12460 अमृतसर-नई दिल्ली एक्सप्रेस, 14681 नई दिल्ली -जालंधर सिटी एक्सप्रेस, 12411-12412 चंडीगढ़-अमृतसर आने वा जाने वाली, 14505 वा14506 नंगल डैम-अमृतसर,12053 -12054 अमृतसर जनशताब्दी आने वा जाने वाली मुख्य हैं।

इन्हें भी किया रद

15211 दरभंगा एक्सप्रेस और 15210 सहरसा एक्सप्रेस आज अंबाला तक ही चलेगी। 12903 मुंबई-अमृतसर एक्सप्रेस लुधियाना तक ही जाएगी। 18237 बिलासपुर-अमृतसर एक्सप्रेस लुधियाना तक ही चलेगी। 13049 हावड़ा-अमृतसर भी लुधियाना तक चलेगी। 12242 चंडीगढ़ एक्सप्रेस जालंधर तक, 12014 अमृतसर- न्यू दिल्ली शताब्दी जालंधर तक, 18238 अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस अंबाला तक, 12904 अमृतसर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस को अंबाला में रद किया गया है।

ये डाइवर्ट

सहरसा गरीब रथ, बेयास, लालुका एक्सप्रेस, नांदेड़ एक्सप्रेस, कठियार एक्सप्रेस, बांद्रा एक्सप्रेस, लोक मान्य तिलक एक्सप्रेस, पठानकोट-दिल्ली एक्सप्रेस, हावड़ा एक्सप्रेस को परिवर्तित किया गया हैं।

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

Posted By: Kamlesh Bhatt

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!