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    हजरत बाबा शेरशाह वली का मेला लगाया

    By JagranEdited By:
    Updated: Thu, 07 Oct 2021 10:03 PM (IST)

    हजरत बाबा शेरशाह वली जी नौशाही कादरी की दरगाह पर सालाना तीन दिवसीय उरस (मेले) का आयोजन किया गया।

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    हजरत बाबा शेरशाह वली का मेला लगाया

    संवाद सूत्र, फिरोजपुर : हजरत बाबा शेरशाह वली जी नौशाही कादरी की दरगाह पर सालाना तीन दिवसीय उरस (मेले) का आयोजन किया गया। बाबा जी की दरगाह पर सजदा करने वालों की आस्था का अंदाजा इसी बात ले लगाया जा सकता है कि सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा।

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    मंगलवार के दिन मेंहदी की रस्म की गई और बुधवार को बाबा के सभी सेवादारों की तरफ से झंडा निकाला गया व दरबार में चादर चढ़ाई की रस्म की गई। वहीं उर्स के तीसरे दिन वीरवार को दरगाह के आसपास पांव रखने की जगह भी नहीं थी। मेले में दिल्ली , राजस्थान, लुधियाना व राज्य के अन्य राज्य से संगत पहुंची थी।

    बाबा शेरशाह वली ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक पसरीचा ने बताया कि मेले के लिए करीब कई माह पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं, जिसमें लाइट्स बुक करना व अन्य सजावट करने वाले भी शामिल होते है। उन्होंने बताया कि मेले में मुख्य कव्वाल सरदार अली की पेशकारी होनी थी लेकिन किसी वजह के चलते उनका प्रोग्राम स्थगित करना पड़ा। मेले में लोकल कव्वालों ने संगत के लिए कलाम पेश किए, वहीं पर कव्वाल गब्बर एंड पार्टी की तरफ से बाबा जी की शान में कलाम पेश कर खूब वाह-वाह लुटी। वही लंगर व जोड़ा घर में बाबा जी के सेवादार विजय जोशी व उनके साथियों ने बढ़-चढ कर अपना सहयोग दिया।

    भगवान राम के जन्म पर झूमे श्रद्धालु संवाद सूत्र, फिरोजपुर : पिछले 90 वर्षों से क्षेत्र में रामलीला मंचन कर रही श्री सनातन धर्म सभा की ओरसे सूजी बाजार में भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान पूरे बाजार को रंग-बिरंगी लाईटों से सजाया गया। इस दौरान जैसे ही भगवान राम का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।

    इस मौके पर व्यापार मंडल के सरप्रस्त रूप नारायण मित्तल ने मुख्यातिथि के तौर पर हिस्सा लिया, जिन्होंने ज्योति प्रचंड कर राम लीला शुरू करवाई। उन्होंने कहा कि राम जन्म के दौरान भगवान राम के बड़े होने पर ताड़का वध तथा सीता स्वयंबर का आयोजन किया गया। रामलीला कलाकारों द्वारा काफी रोचक ढंग से दर्शकों का समय बांधकर रखा और भगवान राम ने राजा जनक द्वारा रचाएं स्वयंबर में जाकर धनुष तोड़ा गया। इस अवसर पर विशाल सिक्का, गगन अग्रवाल, गजिंद्र अग्रवाल, रूप नारायण सहित अन्य उपस्थित थे।