‘हरियाणा में मेरिट से नौकरी, पंजाब में सवाल’, फिरोजपुर रैली में नायब सैनी ने भर्ती प्रक्रिया पर कसा तंज
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब में नशे, बेरोजगारी और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने युवाओं को रोजगार और खेलों से जोड़ने पर जोर दिया।

गुरु हर सहाय में रैली के दौरान सीएम नायब सैनी।
HighLights
नायब सैनी ने पंजाब में नशे, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
हरियाणा में योग्यता आधारित नौकरी, पंजाब में भर्ती प्रक्रिया पर संदेह।
नशे के खिलाफ सामाजिक भागीदारी और युवाओं को रोजगार देने पर जोर।
संवाद सहयोगी, गुरुहरसहाय (फिरोजपुर)। फिरोजपुर जिले के गुरुहरसहाय क्षेत्र में आयोजित धार्मिक समागम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब में नशे, बेरोजगारी और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा। गांव बाजेके स्थित डेरा बाबा राम थम्मन आश्रम के वार्षिकोत्सव में पहुंचे सैनी ने कहा कि पंजाब के युवाओं के सामने नशा और रोजगार बड़ी चुनौती हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें रोजगार के साथ खेलों और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। नायब सैनी ने कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलें। इसके साथ परिवार, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को भी युवाओं को सही दिशा देने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं के पास रोजगार और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर होंगे तो उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में मदद मिलेगी।
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भर्ती प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पंजाब में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी रोजगार देने के लिए भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और योग्यता आधारित होनी चाहिए। सैनी ने दावा किया कि हरियाणा में योग्यता के आधार पर युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं, जबकि पंजाब में भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं के मन में सवाल बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि रोजगार का सीधा संबंध युवाओं के भविष्य से है। इसलिए सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। सैनी ने पंजाब के युवाओं के सामने रोजगार के अवसर बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
खरड़ में नकदी मिलने की घटना का जिक्र
नायब सैनी ने अपने संबोधन में मोहाली-खरड़ क्षेत्र में मई में हुई प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई का भी उल्लेख किया। सात मई 2026 को प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के दौरान खरड़ की एक आवासीय इमारत से नकदी से भरे बैग नीचे फेंके जाने की खबर सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, एक बैग से करीब 21 लाख रुपये की नकदी बरामद होने की जानकारी दी गई थी।
सैनी ने इसी घटना का हवाला देते हुए पंजाब में रोजगार और नशे की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जब युवा रोजगार और नशे जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तब सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
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नशे के खिलाफ सामाजिक भागीदारी पर जोर
धार्मिक समागम में नायब सैनी ने नशे को केवल किसी एक परिवार की समस्या मानने के बजाय इसे पूरे समाज की चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़कर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।
उन्होंने परिवारों, धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और युवाओं के साथ लगातार संवाद करने की अपील की। सैनी ने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से यह समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकती। समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी भी जरूरी है।
पंजाब सरकार पर लगातार हमलावर
नायब सैनी पिछले कुछ समय से पंजाब में रोजगार, नशे और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर पंजाब सरकार पर राजनीतिक निशाना साधते रहे हैं। गुरुहरसहाय में भी उन्होंने इन्हीं मुद्दों को उठाते हुए हरियाणा और पंजाब की भर्ती प्रक्रिया की तुलना की।
उनके बयानों पर पंजाब सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी। फिलहाल सैनी ने युवाओं के रोजगार, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नशे के खिलाफ सामाजिक भागीदारी को अपने संबोधन का प्रमुख मुद्दा बनाया।
