पाकिस्तान ने सातवें दिन भी नहीं छोड़ा BSF का जवान, लगातार अधिकारियों से मिल रही हैं उनकी गर्भवती पत्नी
पाकिस्तानी क्षेत्र में गलती से प्रवेश कर गए बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार साव को पाकिस्तानी रेंजर्स ने सातवें दिन भी रिहा नहीं किया है। सोमवार को बीएसएफ की एक हाई लेवल मीटिंग हुई थी जिसमें बंगाल के हुगली जिला निवासी बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार साव की रिहाई को लेकर चर्चा हुई मगर इस मीटिंग का भी कोई परिणाम नहीं निकला।

जागरण संवाददाता, फिरोजपुर। गत 23 अप्रैल को गलती से पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश कर गए बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार साव को पाकिस्तानी रेंजर्स ने सातवें दिन भी रिहा नहीं किया है। सोमवार को बीएसएफ की एक हाई लेवल मीटिंग हुई थी, जिसमें बंगाल के हुगली जिला निवासी बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार साव की रिहाई को लेकर चर्चा हुई, मगर इस मीटिंग का भी कोई परिणाम नहीं निकला था।
गलती से जीरो लाइन पार गए थे पूर्णम
पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार की ओर से लिए गए सख्त निर्णयों के चलते पाकिस्तान बीएसएफ जवान को छोड़ने के मूड में नहीं दिख रहा है। बीएसएफ की 182वीं बटालियन में जल्लोके चौकी में तैनात जवान पूर्णम कुमार साव कंटीली तार के पार गेहूं काट रहे किसानों की निगरानी कर रहे थे। इस दौरान पेड़ की छाया में बैठने के लिए वे गलती से जीरो लाइन पार कर पाकिस्तानी सीमा में चले गए। पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें पकड़ लिया था।
BSF अधिकारियों से मिल रही हैं जवान की पत्नी
बीएसएफ जवान को न छोड़ने संबंधी बीएसएफ की ओर से गृह मंत्रालय को भी अवगत करवाया गया है। उधर, बीएसएफ के जवान की गर्भवती पत्नी रजनी अपने आठ वर्षीय बेटे आरव, दो बहनों व एक भाई के साथ सोमवार देर शाम चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंची थी। इसके बाद से वह लगातार बीएसएफ अधिकारियों से मिल रही हैं।
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