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    Punjab Flood: बाढ़ में घबराहट से 75 साल की बुजुर्ग की मौत, श्मशान भी डूबा... घर के पास हुआ अंतिम संस्कार

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 06:53 AM (IST)

    फाजिल्का में सतलुज की बाढ़ से हालात गंभीर हैं। ढाणी सद्दा सिंह में एक महिला की हार्ट अटैक से मौत हो गई। श्मशान घाट डूबा होने के कारण घर के पास अंतिम संस्कार करना पड़ा। परिवार को शव को नाव से लाना पड़ा। बाढ़ से फसलें बर्बाद हो गई हैं और लोगों के घरों में पानी भर गया है।

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    सतलुज के उफान में जिंदगी, मां की मौत ने तोड़ा हौसला (जागरण फोटो)

    जागरण संवाददाता, फाजिल्का। सतलुज की बाढ़ ने सरहदी गांवों के जीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब हालात इतने बिगड़ गए हैं कि लोगों को अपने अपनों का अंतिम संस्कार भी घर के आंगन के पास करना पड़ रहा है।

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    शुक्रवार देर रात ढाणी सद्दा सिंह की 75 वर्षीय महिला की हार्ट अटैक से मौत के बाद परिवार को शव को नाव में रखकर चार किलोमीटर घूमते हुए गांव लाना पड़ा।

    इस दौरान बेटे ने खुद नाव चलाई। श्मशान भूमि पानी में डूबी होने के कारण शनिवार को घर के पास ही खाली जगह पर महिला का अंतिम संस्कार किया गया।

    सतलुज में बढ़ते पानी को लेकर थी परेशान

    ढाणी सद्दा सिंह निवासी जोगिंदर सिंह ने बताया कि उनकी मां हुक्मा बाई पिछले कई दिनों से सतलुज के बढ़ते पानी को लेकर बेहद परेशान थीं। उन्होंने बताया कि उनके पास लगभग सात एकड़ जमीन ठेके पर और कुछ जमीन अपनी है, लेकिन बाढ़ के पानी में पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है।

    उन्होंने बताया कि शुक्रवार को अचानक मां की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद एनडीआरएफ की मदद से उन्हें रिश्तेदारों के पास शमशाबाद भेजा गया।

    वहां देर रात उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर डाक्टर के पास ले जाया गया लेकिन हार्ट अटैक के चलते उनकी मौत हो गई।

    उन्होंने कहा कि गांव का श्मशान घाट पानी में डूबा हुआ है इसलिए घर के पास ही खाली जगह पर अंतिम संस्कार किया गया। ढाणी के आसपास घरों के आंगन में घुटनों तक पानी है, मवेशी बांधने की जगह नहीं और लोग ऊंची जगहों पर सामान रखकर गुजर-बसर कर रहे हैं।