Punjab Flood: फाजिल्का में सतलुज का कहर, फसलें जलमग्न होने से बर्बादी की कगार पर आए किसान
फाजिल्का में सतलुज नदी का पानी बढ़ने से किसानों की फसलें डूब गई हैं जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। पिछले 50 दिनों में यह दूसरी बार है जब पानी का स्तर बढ़ा है जिससे लगभग आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें जलमग्न हो गई हैं। किसान 14 दिनों से इस समस्या से जूझ रहे हैं जिससे उनकी धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।

मोहित गिल्होत्रा, फाजिल्का। सीमावर्ती जिला फाजिल्का में मानसून की अधिक वर्षा नहीं हुई है, इसके बावजूद सतलुज का पानी जिले के गांवों को नुकसान पहुंचा रहा है।
पानी की अधिकता से सबसे अधिक परेशान इन गांवों के किसान हैं। 2023 की तरह इस बार भी फसल की बिजाई करने के बावजूद उनके हिस्से केवल फसल की बर्बादी ही आई है। पिछले 50 दिनों में दूसरी बार सतलुज का पानी बढ़ा है।
इस समय आया पानी पहली बार आए पाने से दोगुणा है जिसके चलते जो खेत ऊंची जगहों पर होने के कारण दो बार बर्बादी से बच गए थे, वे भी अब पानी की चपेट में आ गए हैं। लगभग आठ हजार हेक्टेयर में पानी फैला हुआ है और फसलें पूरी तरह पानी में जलमग्न हैं।
अपना दर्द बयां करते गांव झंगड़भैणी निवासी किसान शनक सिंह ने बताया कि सीमा के किसान पांच बार 1988, 2010, 2012, 2019 व 2023 में पानी की मार को झेल चुके हैं लेकिन इस बार तो 14 दिन से अधिक समय पानी को गांवों में फैले हो गया है। किसान हरचरण सिंह ने बताया कि उसके पास अपनी तीन से चार एकड़ जमीन है, जबकि छह एकड़ जमीन उसने ठेके पर ली हुई थी।
पिछले दो सप्ताह से पानी जमा है जिस कारण अब फसल का नामोनिशान नजर नहीं आ रहा। गांव तेजा रूहेला निवासी महल सिंह ने बताया कि उसकी पांच एकड़ जमीन है।
जिस पर हजारों रुपये खर्च करके बिजाई करवाई गई थी लेकिन सतलुज के पानी ने उनकी धान को लगभग बर्बाद कर दिया है। पानी खेत में दस-दस फीट तक भरा है। अब पानी उनके घर के भीतर दाखिल होने लगा है जिस कारण घर में दरारें आने लगी हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।