अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार पर बयान को लेकर घिरे विधायक मनविंदर ग्यासपुरा, SGPC सदस्य ने भेजा कानूनी नोटिस
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में एसजीपीसी सदस्य ने आप विधायक मनविंदर सिंह ...और पढ़ें

विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को भेजे नोटिस की कॉपी दिखाते हुए एसजीपीसी सदस्य।
HighLights
विधायक ग्यासपुरा को अकाल तख्त जत्थेदार पर टिप्पणी हेतु नोटिस।
एसजीपीसी सदस्य अवतार सिंह रिया ने भेजा कानूनी नोटिस।
15 दिन में माफी न मांगने पर मानहानि का मुकदमा।
नवनीत छिब्बर, फतेहगढ़ साहिब। आम आदमी पार्टी (आप) के पायल से विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा द्वारा श्री हरिमंदिर साहिब अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार पर की गई टिप्पणी के मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। बस्सी पठाना (रिजर्व) सीट से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सदस्य अवतार सिंह रिया ने मंगलवार (13 अक्टूबर) को विधायक ग्यासपुरा को एक लीगल नोटिस भेजा है।
यह लीगल नोटिस एडवोकेट अमरदीप सिंह धारनी के माध्यम से भेजा गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि विधायक ग्यासपुरा ने श्री अकाल तख्त साहिब में प्रवेश से रोके जाने के बाद आरोप लगाया था कि उनके दलित समुदाय से संबंधित होने के कारण उन्हें रोका गया। उल्लेखनीय है कि विधायक ग्यासपुरा पूर्व में भी श्री अकाल तख्त साहिब में प्रवेश से जुड़े एक अन्य विवाद के दौरान इस तरह के आरोप लगा चुके हैं।
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विधायक का बयान नफरत की राजनीति से प्रेरित
एसजीपीसी सदस्य अवतार सिंह रिया ने कहा कि एक अमृतधारी सिख होने के बावजूद विधायक द्वारा गुरुघर के प्रांगण में ऐसी शब्दावली का प्रयोग करना सिख मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबान का संदेश 'मानस की जात एकौ पहचानिबे' का है, जबकि विधायक का यह बयान नफरत की राजनीति से प्रेरित और जातिगत वैमनस्य बढ़ाने वाला है।
रिया ने स्पष्ट किया कि वह स्वयं भी आरक्षित वर्ग से आते हैं और एसजीपीसी के जूनियर उपाध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे चुके हैं, ऐसे में संस्था और जत्थेदार पर लगाए गए ऐसे आरोप आधारहीन हैं।
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जवाब के लिए 15 दिन का समय दिया
मामले की जानकारी देते हुए एडवोकेट अमरदीप सिंह धारनी ने बताया कि यह नोटिस विधायक ग्यासपुरा के बयान से समाज को हुए नुकसान और बड़े पैमाने पर हुई मानहानि (मास डेफामेशन) को लेकर जारी किया गया है। नोटिस के माध्यम से उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है कि वह श्री अकाल तख्त साहिब पर जाकर समस्त नानक नामलेवा संगत से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
एडवोकेट धारनी ने चेतावनी दी कि यदि विधायक 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ अदालत में सिविल मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मिलकर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की जाएगी।
