पराली पर गरमाई सियासत, पंजाब के मंत्री खुड्डियां की दिल्ली सरकार को दो टूक, कहा- सियासत छोड़ इंसानियत की बात करें
धान सीजन शुरू होते ही पराली जलाने के मामलों पर पंजाब और दिल्ली के नेताओं में जुबानी जंग छिड़ गई ...और पढ़ें

पंजाब कैबिनेट मिनिस्टर गुरमीत खुडि्डयां और दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिरसा।
HighLights
पंजाब में पराली जलाने पर दिल्ली-पंजाब में सियासत तेज।
कृषि मंत्री खुड्डियां ने सिरसा को इंसानियत की बात कही।
पंजाब सरकार ने पराली प्रबंधन को लेकर किए बड़े प्रबंध।
जतिंदर कुमार, फरीदकोट। पंजाब में धान का सीजन शिखर पर है। एक ओर जहां पंजाब में धान की खरीद जोरों पर है वहीं दूसरी ओर धान की कटाई के पश्चात पराली को आग लगाने के मामले भी सामने आने लगे हैं। जिसके चलते पंजाब की हवा की गुणवत्ता तो खराब होने की लगी है साथ ही हर बार की तरह इसके साथ ही सियासत भी गर्माने लगी है।
पंजाब में पराली को लगाई जा रही आग को लेकर एक बार फिर से दिल्ली और पंजाब के नेताओं के बीच ब्यानबाजी सामने आने लगी है। इस संबंध में गत दिवस भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा किए गए ट्वीट के जवाब में पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने उन्हें इस मामले में सियासत न करने की नसीहत दी है।
बता दें कि गत दिवस शुक्रवार को दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक्स पर पराली को आग लगाने की एक वीडियो पोस्ट की है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि जब आप की सरकार दिल्ली में थी तो पंजाब की पराली के लिए सब जिम्मेदार थे, सिवाय उनके। अब पंजाब में आप की सरकार है और आग पहले से ज्यादा भड़क रही है। ये बेबसी नहीं, आप सरकार की नाकाबिलियत है। दिल्ली का दम आज भी घुट रहा है।
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मंत्री सिरसा से की फोन पर बात
इस संबंध में पंजाब के फरीदकोट में बात करते हुए पंजाब के कृषि मंंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि सिरसा जी सियासत की बात छोड़े इंसानियत की बात करें। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मंत्री सिरसा से फोन पर बात हुई है। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान पराली को आग लगाना नहीं चाहता, क्योंकि यहां उनके भी बच्चे रहते हैं परंतु यह उसकी मजबूरी थी।
उन्होंने कहा कि ऐसे इल्जाम न लगाएं। पंजाब सरकार ने बहुत बड़े प्रबंध किए हैं। किसी समय पराली के मामले बहुत अधिक थे। पंरतु अब पंजाब सरकार के प्रबंधों के पराली को आग लगाने के मामले पहले की तुलना में मात्र 5 प्रतिशत रह गए हैं। उन्होंने कहा कि सिरसा साहब पंजाब में तो यह 20 दिन का सीजन होता है मगर दिल्ली में ट्रैफिक और इंडस्ट्री का प्रदूषण हमेशा रहता है।
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क्राप रेजिड्यू मैनेजमेंट पर काम जारी
खुड्डियां ने बताया कि क्राप रेजिड्यू मैनेजमेंट (सीआरएम) योजना के तहत किसानों को पराली प्रबंधन के लिए विभिन्न मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं। इनमें बेलर, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर और मल्चर जैसी मशीनें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक किसानों को करीब 1.62 लाख मशीनें उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। इस बार सहकारी समितियों और पंचायतों को भी पराली प्रबंधन के लिए मशीनरी उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
खुड्डियां ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को जागरूक करके पराली जलाने की घटनाओं में कमी लाना है। उन्होंने माना कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना भी जरूरी हो सकता है, लेकिन सरकार किसानों को समझाने और उन्हें उचित विकल्प उपलब्ध करवाने पर भी जोर दे रही है।
उन्होंने केंद्र सरकार से पराली प्रबंधन के लिए किसानों को प्रति एकड़ अधिक आर्थिक सहायता देने की मांग दोहराते हुए कहा कि इस संबंध में केंद्र से कई बार अनुरोध किया जा चुका है।
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