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पंजाब कांग्रेस में परगट सिंह का फॉर्मूला हुआ हिट, एकजुट नजर आ रहे नेता; केसी वेणुगोपाल करेंगे जल्द बैठक

By Dr. Sumit Singh SheoranEdited By: Anuj Sharma
Published: Sat, 24 Oct 2026 04:14 PM (IST)

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व बदलते ही पार्टी में एकजुटता दिखी है। नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर विधायक मुखर हैं, और अब केसी वेणुगोपाल चुनावी रणनीति पर बैठक करेंगे।

केसी वेणुगोपाल और परगट सिंह।

केसी वेणुगोपाल और परगट सिंह।

डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में प्रदेश प्रधान बदलने के बाद पार्टी की अंदरूनी सियासत में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपने के बाद सड़क से लेकर विधानसभा तक कांग्रेस के नेता और विधायक एकजुट दिखाई देने लगे हैं।

हालांकि, यह एकजुटता कितनी टिकाऊ होगी और इसका पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव में कितना फायदा मिलेगा, यह आने वाले दिनों में सामने आएगा। बीते दिनों मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के खिलाफ प्रदेशभर में हुए प्रदर्शनों में कांग्रेस के सभी नेताओं ने भाग लिया। पार्टी के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि प्रदेश कांग्रेस लंबे समय से अंदरूनी खींचतान और नेतृत्व को लेकर मतभेदों से जूझ रही थी।

ऐसे में एक मंच पर नेताओं की मौजूदगी ने संगठन के भीतर तालमेल बढ़ने का संकेत दिया। बीते दिनों सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में प्रदेश कैंपेन कमेटी की बैठक में भी कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के जरिए पार्टी ने सामूहिक नेतृत्व का संदेश देने का प्रयास किया।

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पंजाब विधानसभा में भी सभी दिखे एकजुट

वीरवार से शुरू हुए पंजाब विधानसभा के सत्र में भी कांग्रेस विधायकों का रुख इसी दिशा में दिखाई दिया। नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस के सभी विधायकों ने एकजुट होकर सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं, प्रदेश प्रधान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह ने सुखपाल सिंह खैहरा को विधानसभा के शेष सत्र के लिए निलंबित किए जाने का खुलकर विरोध किया। इससे पार्टी के भीतर साझा मुद्दों पर साथ खड़े होने का संकेत मिला।

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अब नजर दिल्ली की बैठक पर

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल रविवार को पंजाब दौरे पर आ रहे हैं। वह सोमवार को पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर विधानसभा सत्र की तैयारियों और रणनीति का जायजा लेंगे। इस बैठक में प्रदेश नेतृत्व के बीच तालमेल और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर चर्चा अहम रहेगी।

प्रदेश कांग्रेस के सामने अब चुनौती इस एकजुटता को केवल विरोध प्रदर्शनों और विधानसभा तक सीमित न रखकर संगठन और चुनावी रणनीति में बदलने की है। केसी वेणुगोपाल बैठक में 1 नवंबर को नई दिल्ली में वोट बचाओ देश बचाओ अभियान के तहत होने वाली रैली को लेकर भी पंजाब कांग्रेस की तैयारी को रखेंगे। इस रैली को सफल बनाने के लिए पंजाब और हरियाणा से लाखों की संख्या में लोगों को एकजुट करने की कोशिश में कांग्रेस जुटी हुई है।

केसी वेणुगोपाल चंडीगढ़ दौरे के तहत कांग्रेस के सभी नेताओं से मुलाकात करेंगे। विधानसभा की चुनावी रणनीति और राहुल गांधी के आगामी पंजाब दौरे को लेकर भी विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है।

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