दिल्ली महारैली से पहले एक्टिव हुई प्रदेश कांग्रेस, ब्लॉक और बूथ स्तर तक चलेगा ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान
राजधानी में होने वाली महारैली से पहले प्रदेश कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। मतदाता सूचियों ...और पढ़ें

पंजाब कांग्रेस के प्रधान परगट सिंह।
HighLights
1 नवंबर की दिल्ली रैली के लिए पंजाब कांग्रेस की तैयारी।
जिला, ब्लॉक, बूथ स्तर पर मतदाता सूची सत्यापन अभियान।
गांवों में चौपाल बैठकें कर मतदाताओं को जागरूक करेगी पार्टी।
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली से पहले पंजाब कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने अभियान को जिला, ब्लाक और बूथ स्तर तक ले जाने के लिए सभी जिला कांग्रेस कमेटियों (डीसीसी) के प्रधानों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अगले एक महीने के लिए कार्यक्रमों का शेड्यूल तय किया गया है। इसमें वोटर सूचियों की जांच से लेकर गांवों में चौपाल बैठकें आयोजित करने तक की योजना शामिल है। पंजाब में अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे एसआइआर के मुख्य कोऑर्डिनेटर हरदीप सिंह किंगड़ा ने जिला प्रधानों को पत्र लिखकर तय कार्यक्रम के अनुसार काम करने के निर्देश दिए हैं।
पत्र में एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय रैली में अधिक से अधिक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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जिला स्तर से बूथ तक कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 26 अक्टूबर को जिला प्रधान प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें वरिष्ठ नेताओं को शामिल कर अभियान की जानकारी दी जाएगी। 27 अक्टूबर को वरिष्ठ कांग्रेस नेता ब्लाक प्रधानों के साथ बैठक करेंगे, जबकि 28 अक्टूबर को ब्लाक प्रधान बूथ स्तर पर बैठकें करेंगे। इन बैठकों में मतदाता सूची की जांच और बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) की भूमिका पर चर्चा होगी।
27 अक्टूबर से चार नवंबर तक मतदाता सूचियों की जांच की जाएगी। इसमें नए मतदाताओं के नामों और सूची में दर्ज अन्य विवरणों की पड़ताल शामिल है। पांच नवंबर को ब्लाक प्रधान जांच की गई सूचियों और नए दर्ज नामों की समीक्षा करेंगे।
गांवों की चौपालों में उठेगा वोट कटने का मुद्दा
कांग्रेस ने 8 से 24 नवंबर तक गांवों में चौपाल बैठकें करने की योजना बनाई है। इन बैठकों में स्थानीय लोगों को शामिल कर पता लगाया जाएगा कि मतदाता सूची से किन लोगों के नाम कटे हैं और कितने बुजुर्ग मतदाता इससे प्रभावित हुए हैं।
पार्टी इन बैठकों के जरिये मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत कांग्रेस का जोर मतदाता सूचियों की जांच और जमीनी स्तर पर लोगों से संपर्क बढ़ाने पर रहेगा। एक नवंबर की दिल्ली रैली को भी इसी अभियान की प्रमुख कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
