झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपेगी सरकार, अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले CM मान का एलान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने की घोषणा की है।

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपेगी सरकार (फाइल फोटो)
HighLights
CM मान ने झोटा हत्याकांड की CBI जांच की घोषणा की
अमित शाह के पंजाब दौरे से ठीक पहले लिया गया फैसला
नशा विरोधी कार्यकर्ता झोटा की मानसा में हुई थी हत्या
रोहित कुमार, चंडीगढ़। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से ठीक पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) को सौंपने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी।
शाह मंगलवार को पंजाब दौरे पर आ रहे हैं। उनके दौरे से पहले झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआइ से कराने का मुद्दा राज्य की राजनीति के केंद्र में आ गया है। झोटा के परिवार और प्रदर्शनकारी लगातार इस मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहे थे।
मेडिकल स्टोर में गोली मारकर की गई थी हत्या
मानसा में 13 अक्टूबर को परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा नशे के खिलाफ आवाज उठाते थे और मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री का विरोध कर रहे थे।
रिपोर्टों के अनुसार, एक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर हुए विवाद के दौरान उन पर गोली चलाई गई थी। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपित मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया था। घटना के बाद झोटा के स्वजन और समर्थकों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
ਨਸ਼ਿਆਂ ਖਿਲਾਫ਼ ਲੜ ਰਹੇ ਪਰਮਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਝੋਟਾ ਦੇ ਪਿਤਾ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਹਰ ਸਮੇਂ ਡੱਟ ਕੇ ਖੜ੍ਹੇ ਹਾਂ... ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਮੰਗ ਨੂੰ ਪ੍ਰਵਾਨ ਕਰਦੇ ਹੋਏ, ਅਸੀਂ ਇਹ ਕੇਸ CBI ਨੂੰ ਸੌਂਪ ਰਹੇ ਹਾਂ... ਨਸ਼ੇ ਦੇ ਸੌਦਾਗਰਾਂ ਖਿਲਾਫ਼ ਸਾਡੀ ਲੜਾਈ ਆਰ-ਪਾਰ ਦੀ ਹੈ... ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਨਸ਼ਾ-ਮੁਕਤ ਕਰਨ ਲਈ ਸਾਨੂੰ ਜੋ ਵੀ ਸਖ਼ਤ ਕਦਮ ਚੁੱਕਣਾ ਪਿਆ, ਅਸੀਂ ਪਿੱਛੇ ਨਹੀਂ ਹਟਾਂਗੇ...
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) October 20, 2026
अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़ा था परिवार
झोटा के परिवार और समर्थकों ने सीबीआइ जांच की मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला लिया था। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर मानसा में धरना जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे सहित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। पंजाब सरकार ने परिवार और प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तीन महिला आइएएस अधिकारियों की समिति बनाई थी, लेकिन शुरुआती बातचीत में गतिरोध दूर नहीं हो पाया था।
अमित शाह के दौरे से पहले बढ़ा राजनीतिक दबाव
झोटा हत्याकांड को लेकर भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब सरकार पर सवाल उठाए थे। भाजपा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सीबीआइ जांच की मांग की थी।
सांसद हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर झोटा की हत्या की स्वतंत्र जांच कराने और नशा तस्करी में कथित राजनीतिक-पुलिस गठजोड़ की जांच की मांग की थी।
अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान मानसा में झोटा के परिवार से मिलने का कार्यक्रम बनाया है। इसके अलावा वह संगरूर और गुरदासपुर में भी नशे से जुड़े मामलों में प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने वाले हैं।
ऐसे में शाह के दौरे से पहले मुख्यमंत्री की सीबीआइ जांच संबंधी घोषणा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब मामले को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की औपचारिक प्रक्रिया और जांच की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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