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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MLA एनके शर्मा के निशाने पर जीरकपुर परिषद, कहा- टेंडर रद कर की धांधली, कांग्रेस ने टैक्स के पैसों को लूटा

By Ankesh ThakurEdited By:
Published: Wed, 17 Nov 2021 02:47 PM (IST)

जीरकपुर नगर काउंसिल के अधिकारियों द्वारा 23 करोड़ रुपये के 106 टेंडरों में से 71 टेंडर रद कर दिया गया ...और पढ़ें

डेराबस्सी विधायक एनके शर्मा की फाइल फोटो।
डेराबस्सी विधायक एनके शर्मा की फाइल फोटो।

जागरण संवाददाता, मोहाली (जीरकपुर)। नगर काउंसिल जीरकपुर के अधिकारियों द्वारा 23 करोड़ रुपये के 106 टेंडरों में से 71 टेंडर रद कर दिया गया है। वहीं इसके अलावा 12 करोड़ रुपये के 25 टेंडर केवल 3 फर्मों को अलाट किए गए हैं। इसको लेकर अब राजनीति शुरू हो गई है। शिरोमणि अकाली दल शिअद ने इसे धांधली बताया है और कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं। डेराबस्सी विधायक एनके शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नेता पांच साल में लोगों द्वारा शहर के विकास के लिए दिए गए टैक्स के पैसे को लूटकर खा रहे हैं। बीते नौ महीने में जबसे नगर परिषद पर कांग्रेस का कब्जा हुआ है तब से लूट के सभी रिकार्ड टूट गए हैं।

एनके शर्मा ने कहा कि शहर के विकास से संबंधित अलाट किए जा रहे टेंडरों के जरिए लूट मचा दी है। जिसका उदहारण टेंडर अलाटमेंट में 2 नंबर पर दर्ज वार्ड 26 में 21.79 लाख की लागत से लगाए जाने वाले ओपन जिम के टेंडर की कीमत है। जो पहले महज डेढ़ से 2 लाख में लगाया जाता रहा है। परिषद अधिकारियों की ओर से 106 टेंडरों में से 12 करोड़ की लागत के 25 टेंडर केवल तीन सोसायटियों जिसमें सग्रावन कोऑपरेटिव सोसायटी, द बजरूर कोऑपरेटिव सोसायटी और द मकारापुर कोऑपरेटिव सोसायटियों को अलाट करने और बाकी सभी टेंडरों को रद करने के मामले को एक बड़ी धांधली हुई है। शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेसी केवल अपनी चहेती कंपनियों को टेंडर केवल पा फीसदी लेस में अलाट कर रहे हैं। जबकि उनकी  शिअद सरकार में टेंडर 35 से 40 प्रतिशत कम रेट पर अलाट किए जाते थे।

एनके शर्मा ने अधिकारियों को चेताया है कि 2022 में उनकी सरकार आने के बाद एक-एक काम का हिसाब लिया जाएगा। शर्मा ने आरोप लगाया कि नगर काउंसिल के प्रधान अधिकारियों की मिलीभगत से लूटने में लगा हुआ है। नगर काउंसिल की कमाई लगातार कम हो रही है। यही नहीं जीरकपुर नगर काउंसिल के पैसे तक अन्य शहरों को ट्रांसफर किए जा रहें हैं। इसका उदहारण बीते समय में जीरकपुर नगर काउंसिल का 70 करोड़ रुपये ट्रांसफर करना है। जबकि शहर में कोई विकास नहीं किया जा रहा और लोग सड़कों और सीवरेज की मूलभूत सुविधाओं तक के लिए तरस रहे हैं। वहीं नगर काउंसिल जीरकपुर के अध्यक्ष उदयबीर ढिल्लों ने सभी आरोपों को निराधार बताया।