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    Coronavirus: मोहाली में नहीं लगेगा नाइट कर्फ्यू, डीसी ने चेताया- लोग समझें जिम्मेदारी, नहीं तो होगी सख्ती

    By Ankesh KumarEdited By:
    Updated: Thu, 25 Feb 2021 01:57 PM (IST)

    मोहाली के डीसी गिरिश दयालन ने लोगों को चेताया है कि यदि कोरोना के केस बढ़े तो उसके बाद जिले में सख्ती भी बढ़ा दी जाएगी। वहीं उन्होंने कहा कि अभी फिलहाल नाइट कर्फ्यू लगाने की जरूरत नहीं है।

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    मोहाली में नहीं लगेगा नाइट कर्फ्यू, डीसी ने चेताया- लोग समझें जिम्मेदारी, नहीं तो होगी सख्ती।

    मोहाली, जेएनएन। लापरवाही की ही नतीजा है कि अब फिर से कोरोना अपने पैर पसार रहा है। लोग कोरोना संक्रमण से बचाव की हिदायतों का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में पंजाब में लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू जैसे हालात बन रहे हैं। वहीं, अगर लॉकडाउन से बचना है तो लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। अगर कोरोना केसों में इजाफा हुआ तो इसका नुकसान लोगों को ही होगा। मोहाली के डीसी गिरिश दयालन ने कहा कि फिलहाल लॉकडाउन जैसी कोई स्थिति नहीं है। हालांकि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला जिला प्रशासन पर छोड़ा है।

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    डीसी ने कहा कि लोग अगर सतर्कता बरतेंगे तो लॉकडाउन की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। लॉकडाउन से लोगों को बहुत नुकसान होता है, इसलिए हम चाहते हैं कि लोग एहतियात बरतें। डीसी के मुताबिक अभी जिले में 450 के करीब केस एक्टिव हैं। पिछले दिनों टेस्टिंग कम हो गई थी, क्योंकि लोग टेस्ट करवाने नहीं आ रहे थे। लेकिन अब फिर से रोजाना एक हजार के करीब टेस्ट किए जाएंगे।

    डीसी ने कहा कि फ्रंट लाइन वर्कर्स को कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। अगले सप्ताह से केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक 45 साल के ऊपर के लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज दी जाएगी। डीसी ने बताया कि जब कोरोना पिक पर था तब जिला मोहाली में दस फीसद के करीब एक्टिव केस आ रहे थे। फिलहाल ये एवरेज पांच से छह के बीच में है। अगर किसी जगह पर ज्यादा केस आते हैं तो वहां पर लॉकडाउन के बारे में सोचा जाएगा। इसलिए लोग इस बात को समझें और कोरोना संक्रमण से बचाव की हिदायतों को सख्ती से पालन करें। 

    डीसी ने कहा कि पुलिस प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए किए हैं कि वे लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करें। नियमों की उल्लंघना करने वालों पर कार्रवाई की जाए। ध्यान रहे कि पिछले साल कोरोना के सबसे ज्यादा केस डेराबस्सी के जवाहरपुर से सामने आए थे। इसके बाद कोरोना ने जिला मोहाली में रफ्तार पकड़ी थी।