यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी को नहीं चलने देंगे', चरणजीत सिंह चन्नी बोले- SGPC की अनुमति जरूरी
Charanjit Singh Channi on Film Emergency कांग्रेस सांसद और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने एक्ट्रेस कंगना रनौत की फिल्म ...और पढ़ें

HighLights
- 'फिल्म इमरजेंसी को नहीं चलने देंगे'
- 'एसजीपीसी से पहले लेना होगा सर्टिफिकेट'
- 'कंगना को सीरियस लेने की जरूरत नहीं'
डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। मंडी से बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अमिनेत्री कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी रिलीज होने से पहले ही विवादों में आ गई है। इस बीच कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने फिल्म को लेकर बड़ा एलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि सिख आधारित फिल्म को पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को दिखानी चाहिए।
एसजीपीसी के सर्टिफिकेट के बाद ही फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दी जाएगी। एसजीपीसी से सर्टिफिकेट लेना जरूरी है। क्योंकि एसजीपीसी की अनुमति के बिना न तो प्रदर्शित की जाएगी और न ही प्रदर्शित करने की अनुमति दी जाएगी। क्योंकि सजीपीसी सिख समुदाय की सिरमोर संस्था है।
Jalandhar, Punjab: Congress MP Charanjit Singh Channi reacts to BJP MP Kangna Ranaut's film says, "The film 'Emergency' will neither be screened nor allowed to be screened without the permission of the SGPC (Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee)." pic.twitter.com/t1nZSEXtlh
— IANS (@ians_india) September 1, 2024
चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि कंगना को ज्यादा सीरियस लेने की जरूरत नहीं है। कहा कि सिमरनजीत सिंह मान की तरह गुस्सा नहीं करना चाहिए।
जालंधर में मीडिया से बातचीत में चन्नी ने कहा कि जहां भी सिख इतिहास को फिल्माया जाना है, वहां पर जरूरी है कि एसजीपीसी को वह फिल्म दिखा कर मंजूरी ली जाए। एसजीपीसी सिखों की सिरमौर संस्था है और उससे अनुमति लेना जरूरी है। फिल्म में सिख इतिहास को ठीक तरह से फिल्माया गया है या नहीं, यह एसजीपीसी देखेगी।
वहीं, उन्होंने कहा कि कंगना को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए और न ही सिमरनजीत सिंह मान की तरह गुस्सा करना चाहिए। पंजाब, हिमाचल और हरियाणा पुराने पंजाब का हिस्सा हैं। सभी आपस में भाई हैं। आपसी सांझ न पहले कभी टूटी है और न ही कभी तोड़नी है। यह बरकरार रहेगी। हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई यहां पर हमेशा प्यार से रहे हैं।
