वोटर सूची से छूटे लोगों को मिलेगा एक और मौका? हर बूथ पर शिविर लगाने और SIR की समय सीमा बढ़ाने की उठी मांग
पूर्व विशेष मुख्य सचिव ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए हर ...और पढ़ें

ये प्रतीकात्मक तस्वीर है।
HighLights
कर्ण बीर सिद्धू ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की समय सीमा बढ़ाने की मांग की।
छूटे मतदाताओं के लिए हर मतदान केंद्र पर विशेष शिविर लगाने की मांग।
ऑनलाइन और ऑफलाइन फॉर्म-6 भरने की सुविधा जारी रखने का सुझाव।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से छूट गए पात्र लोगों को नाम जुड़वाने का मौका देने के लिए हर मतदान केंद्र पर विशेष शिविर लगाए जाएं। साथ ही एसआईआर की प्रक्रिया को कम से कम दो सप्ताह आगे बढ़ाया जाए। यह मांग पंजाब के पूर्व विशेष मुख्य सचिव कर्ण बीर सिंह सिद्धू ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा को पत्र भेजकर की है। पत्र की प्रति मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भी भेजी गई है।
कर्ण बीर सिंह सिद्धू ने यह मांग उन्होंने कहा कि दिल्ली में 9 और 11 अक्टूबर को सभी मतदान केंद्रों पर शिविर लगाने की घोषणा की गई है। इन शिविरों में छूटे हुए पात्र मतदाताओं के फार्म-6 भरवाए जाएंगे। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर भी ऐसे लोगों की मदद करेंगे।
सिद्धू ने कहा कि पंजाब में 1 अक्टूबर को जारी बयान में बीएलओ द्वारा घर से दस्तावेज लेने और जिलों में हेल्प डेस्क बनाने की बात कही गई थी, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि जिन मतदाताओं के नाम सूची में नहीं हैं, वे अब क्या कर सकते हैं। इससे कई लोग यह समझ सकते हैं कि नाम जुड़वाने का मौका खत्म हो गया है।
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पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी में हो घोषणा
उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी में स्पष्ट सार्वजनिक घोषणा करने की मांग की है कि कोई भी पात्र नागरिक, जिसका नाम मतदाता सूची में नहीं है, ऑनलाइन या कागजी फार्म-6 भर सकता है। यह सुविधा 12 अक्टूबर के बाद भी नामांकन की अंतिम तिथि तक उपलब्ध रहे। इसके साथ ही हर मतदान केंद्र पर विशेष शिविर लगाए जाएं।
उन्होंने बीएलओ के घर-घर जाने और मतदाता सूचियां राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा करने की भी मांग की है। साथ ही पंजाब के मतदाताओं के लिए ऑनलाइन फार्म-6 की सुविधा जारी रखने को कहा है।
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समय बढ़ाने की गुंजाइश
सिद्धू ने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 तक होने हैं। ऐसे में एसआईआर के निपटारे और अंतिम प्रकाशन की मौजूदा आठ और 12 अक्टूबर की समय-सीमा को कम से कम दो सप्ताह बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली में अंतिम मतदाता सूची चार दिसंबर को प्रकाशित होनी है।
उन्होंने कहा कि यदि पंजाब में 12 अक्टूबर की समय-सीमा में बदलाव नहीं किया जाता है तो उसके बाद भी कम से कम दो सप्ताह विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए।
सिद्धू ने कहा, “जो बात दिल्ली के मतदाता को लिखित रूप में बताई गई है, उसे सुनने का हक पंजाब के मतदाता को भी है।” ध्यान रहे की कर्ण बीर सिंह सिद्धू अमृतसर के जिला निर्वाचन अधिकारी रह चुके हैं और लगातार तीन लोकसभा चुनावों में भारत निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक के रूप में काम कर चुके हैं।
