Yoga: कोरोना मरीजों के लिए उपयोगी है वक्रासन योग, फेफड़ों की बढ़ती है क्षमता
कोराना महामारी के दौरान होने वाली तमाम शरीरिक दिक्कतों के इलाज में वक्रासन रामबाण है। इस आसन का अभ्यास स्वस्थ लोगों और कोरोना संक्रमण से पीड़ित लोगों के लिए काफी अच्छा है। यह आसन फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है और मधुमेह को नियंत्रित रखता है।

चंडीगढ़, जेएनएन। कोराना महामारी के दौरान होने वाली तमाम शरीरिक दिक्कतों के इलाज में वक्रासन रामबाण है। गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ योग एजुकेशन एंड हेल्थ के योगाचार्य रोशन लाल बताते हैं कि इस आसन का अभ्यास स्वस्थ लोगों और कोरोना संक्रमण से पीड़ित लोगों के लिए काफी अच्छा है। उन्होंने बताया कि यह आसन फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है। मधुमेह को नियंत्रित रखता है और तनाव को कम करने में भी अहम भूमिका निभाता है।
वक्रासन को करने की विधि
- आप अपने पांवों को फैलाकर जमीन पर बैठें।
- दोनों पैरों के बीच में दुरी न हो।
- बाएं पांव को घुटने से मोड़ें और इसको उठा कर दाएं घुटने के बगल में रखें।
- रीढ़ सीधी रखें तथा सांस छोड़ते हुए कमर को बाईं ओर मोड़ें।
- अब हाथ के कोहनी से बाएं पैर के घुटने को दबाब के साथ अपनी ओर खीचें।
- पैर को इस तरह से अपनी ओर खींचते हैं कि पेट में दबाब आए। अपने हिसाब से योगासन को मेंटेन करें।
- सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक अवस्था में आएं।
- यही क्रिया दूसरी ओर से दोहराएं।
- यह एक चक्र हुआ।
- इस तरह से आप 4 से 5 चक्र करें।
वक्रासन को करते समय इन सावधानियों का रखें ध्यान
- पेटदर्द में वक्रासन नहीं करना चाहिए।
- घुटने का दर्द होने पर इस आसन से बचना चाहिए।
- ज्यादा कमर दर्द में इसे न करें।
- कोहनी में दर्द होने पर इससे बचना चाहिए।
- गर्दन में दर्द होने पर इसको नहीं करना चाहिए।
वक्रासन के लाभ
- मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण।
- मोटापा कम करने में सहायक।
- रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है।
- कमर दर्द से निजात दिलाता है।
- तनाव को कम करता है।
- पाचन तंत्र के लिए उपयोगी है।
- फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए सहायक।
- गर्दन की दर्द को कम करता है।
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