विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दो बच्‍चों को आयरनमैन बनने की सूझी, निगलीं ढ़ेर सारी आयरन की गोलियां

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Sat, 29 Jul 2017 11:45 AM (IST)

चंडीगढ़ में दाे स्‍कूली बच्‍चे सुपर हीरो 'अायरनमैन' की तरह बनना चाहते थे। इसके लिए दाेनों ने ढ़ेर सारी आयरन की गाेलियां खा लीं। इससे उनकी तबीयत बिगड़ गई।

दो बच्‍चों को आयरनमैन बनने की सूझी, निगलीं ढ़ेर सारी आयरन की गोलियां
दो बच्‍चों को आयरनमैन बनने की सूझी, निगलीं ढ़ेर सारी आयरन की गोलियां

जेएनएन, चंडीगढ़। दो बच्‍चे सुपर हीरो 'आयरनमैन' के फैन थे और उसी के तरह बनना चाहते थे। ऐसे में उनको मन में आया कि आयरन की गाेलियां खाकर वे आयरनमैन बन सकते हैं। ऐसे में दाेनों ने क्‍लास रूम में ही आयरन की गोलियां खानी शुरू कर दी। एक ने 27 और दूसरे ने 24 गाेलियां निगल लीं। इससे दोनों की तबीयत बिगड़ गई और अब उनको अस्‍पताल ले जाया गया। अब दाेनों की हालत बेहतर है।

घटना शहर के सेक्‍टर 35 स्थित गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की है। दोनों बच्‍चे छठी कक्षा के हैं। बच्‍चों ने आयरन की गोलियां खाईं उस समय हुई क्लास में टीचर नहीं थे। दोनों बच्चों ने शर्त लगाई और आयरन की गोलियां क्लास में ही खानी शुरू कर दी। इस दौरान एक ने २७ और दूसरे ने 24 गोलियां निगल लीं।

कुछ समय के बाद दोनों को उल्टियां शुरू हो गईं। इसकी सूचना मिलते ही स्कूल स्टाफ ने अभिभावकों को सूचित किया और बच्चों को सेक्‍टर 16 के अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के बाद दोनों की हालत सामान्‍य हुई। बाद में उनकाे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

बच्चों के पास कैसी आई गोलियां

स्कूल में बच्चों के पास गोलियां कहां से आई यह सबसे बड़ा प्रश्न बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्कूलों में चेकअप किया जाता है। यदि बच्चों में खून की कमी होती है तो उन्हें आयरन की गोलियां दी जाती है। यह चेकअप अंतिम बार मई में किया गया था और आयरन की कमी वाले बच्चों को एक साल के लिए आयरन की गोलियां दी गई थी।