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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएफ अकाउंट से जुड़ी समस्‍याओं के हल के लिए अपनाएं यह आसान तरीका

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Wed, 13 Dec 2017 04:40 PM (IST)Updated: Thu, 14 Dec 2017 04:04 AM (IST)

कर्मचारी भविष्‍यनिधि खातों से संबंधित समस्‍यअों को अब आसानी से समाधान कर सकते हैं। इसका लिए बस कुछ आसान तरीके अपनाने होंगे।

पीएफ अकाउंट से जुड़ी समस्‍याओं के हल के लिए अपनाएं यह आसान तरीका
पीएफ अकाउंट से जुड़ी समस्‍याओं के हल के लिए अपनाएं यह आसान तरीका

जेएनएन, चंडीगढ़। भविष्‍यनिधि का लाभ लेना है तो आपको कुछ बातों को ध्‍यान रखना हाेगा। यदि आपने कुछ बातों का ध्‍यान रखा तो आप आसानी से कई लाभ उठा सकत हैं। इसके लिए सबसे जरूरी है अपने पीएफ एकाउंट से अपना मोबाइल नंबर लिंक कराना। पीएफ तहत पेंशन स्‍कीम काे भी सरल बनाया गया है।

प्रोविडेंट ऑर्गेनाइजेशन के एडिशनल सेंट्रल कमिश्नर वी रंगनाथ का कहना है कि कर्मचारी अपने पीएफ अकाउंट के साथ अपना मोबाइल नंबर जरूर लिंक करवाएं। इससे उन्हें पीएफ के बारे में सारी जानकारी पीएफ जमा होने या न होने की स्थिति में एसएमएस से मिलती रहेगी। फिलहाल इस योजना का लाभ करीब दो करोड़ कर्मचारी ही ले पा रहे हैं। इस साल इसे बढ़ाकर सात से आठ करोड़ का लक्ष्य रखा गया है।

पेंशन स्कीम को सरल बनाया, पीएफ अकाउंट उमंग एप के साथ लिंक

उन्होंने बताया कि पीएफ ऑर्गेनाइजेशन की आेर से कर्मचारियों के हित के लिए कई नई योजनाओं की शुरुआत की गई है। इनमें 2014 से पहले व बाद में रिटायर होने वाले कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। वह भी अपनी पेंशन में बढ़ोतरी करवा सकते हैं। इसके लिए नियम तय कर दिए गए हैं।

इसके अलावा, इपीएफओ की तरफ से कर्मचारियाें के हित में मृत्यु, पीएफ, पेंशन व एडवांस के केसों के लिए कंपोजिट क्लेम फॉर्म की सुविधा भी उपलब्ध करवा दी गई है। मुलाजिम ऑनलाइन क्लेम फॉर्म को हासिल भी कर सकते हैं और जमा भी करवा सकते हैं। एडवांस के लिए स्व प्रमाण जारी करने की भी सुविधा अब कर्मचारियों के लिए जारी कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि कोई भी कर्मचारी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर के जरिए अपने अकाउंट के बारे में सारी अपडेट ले सकता है। इसमें मुलाजिमों को एसएमएस, ई-पासबुक, ऑनलाइन ट्रांसफर क्लेम, ऑनलाइन करेक्शन के अलावा मुलाजिम अपने अकाउंट के बारे में ऑनलाइन जानकारी हासिल कर सकता है। नौकरी या कंपनी बदलने के बाद अकाउंट के ऑटो ट्रांसफर की सुविधा भी दी दी गई है।

रंगनाथ ने कहा कि आधार नंबर जरूरी होगा। इसे अकाउंट के साथ लिंक करवाना पड़ेगा। इसके बाद कंपनी की तरफ से वेरीफाई किया जाएगा और यूएएन नंबर एक्टिवेट हो जाएगा।

तीन साल पुराने पीएफ अकाउंट होल्डर ले सकते हैं लाभ

उन्‍होंने कहा कि कर्मचारी अपने नाम, जन्म तिथि व जेंडर में भी संशोधन करवा सकते हैं। इसके अलावा हाउसिंग स्कीम में कई सुधार किए गए हैं। तीन साल पुराने पीएफ अकाउंट होल्डर इसका लाभ ले सकते हैं। साथ ही अकाउंट में कम से कम बीस हजार रुपये होना जरूरी है। मुलाजिम मिलकर हाउसिंग सोसायटी बनाकर फ्लैट्स या प्लॉट्स को खरीदने के लिए मदद ले सकते हैं।

उमंग से जुड़ीं 162 सेवाएं

ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से मुलाजिमों के हित में चलाई जा रही तमाम योजनाओं को उमंग एप के साथ भी लिंक किया जा चुका है। इनमें 162 प्रकार की सेवाओं के अलावा 33 विभाग व 4 राज्यों को जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि अब प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना, प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन रोजगार योजना के तहत काम करने वाले मुलाजिमों को भी पीएफ का लाभ दिया जा सकता है।

उन्‍होंने कहा कि कर्मचारियों को आधार नंबर लिंक करवाने के साथ ई-साइन योजना का भी लाभ दिया जा रहा है। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर इस योजना का लाभ लेने के लिए ओटीपी भेजा जाएगा। उसके बाद यूजर ऑर्गेनाइजेशन के फोल्डर से अपने अकाउंट संबंधी जानकारी हासिल कर सकते हैं। मौके पर सहायक पीएफ कमिश्नर असीम छाबड़ा व राकेश कुमार भी मौजूद थे।