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    अब ब्याज-जुर्माना भूल जाओ! चंडीगढ़ में वन टाइम सेटलमेंट शुरू, फरवरी-मार्च 2026 में भरना होगा बकाया

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 11:53 AM (IST)

    चंडीगढ़ नगर निगम ने टैक्स डिफाल्टरों को राहत देते हुए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) लागू की है। इसके तहत चैरिटेबल, धार्मिक, सरकारी और स्वायत्त निकायों को एकमुश्त बकाया जमा करने पर ब्याज और जुर्माने में छूट मिलेगी। यह योजना फरवरी और मार्च 2026 में लागू रहेगी, जिसमें अलग-अलग समय सीमा पर छूट का प्रतिशत निर्धारित है।

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    टैक्स डिफॉल्टर एकमुश्त चुकता करें बकाया, ब्याज और जुर्माना नहीं लगेगा (प्रतीकात्मक फोटो)

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। टैक्स डिफाल्टरों को नगर निगम ने बड़ी राहत देते हुए उन्हें अपने बकाया निपटाने का अच्छा अवसर दिया है। अब अगर वह निर्धारित समय में एकमुश्त बकाया जमा करा देते हैं तो उन्हें न टैक्स पर ब्याज देना होगा और जुर्माने से भी छूट दे दी गई है।

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    नगर निगम ने टैक्स डिफाल्टरों के लिए विशेष वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) लागू कर यह राहत दी है। नगर निगम सदन से मंजूरी मिलने के बाद इस स्कीम को लागू कर दिया गया है।

    हालांकि सभी कैटेगरी के टैक्स दाताओं के लिए यह स्कीम नहीं है। अभी यह स्कीम चैरिटेबल, धार्मिक, आध्यात्मिक संस्थानों सहित सरकारी और स्वायत्त निकायों (व्यावसायिक व आवासीय) पर लागू होगी। इसके तहत पहली फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 के बीच अगर कोई संस्था पूरी मूल राशि एकमुश्त जमा करती है, तो उसे 100 प्रतिशत ब्याज और पेनल्टी माफ होगी।

    पहली मार्च 2026 से 15 मार्च 2026 के बीच भुगतान करने वालों को 50 प्रतिशत ब्याज और पेनल्टी माफी मिलेगी। निर्धारित समय सीमा के बाद ब्याज और पेनल्टी नियम अनुसार पूरी लगेगी।

    इन संस्थानों को मिलेगा लाभ

    चैरिटेबल संस्थान

    धार्मिक एवं आध्यात्मिक संस्थान

    सरकारी निकाय (आवासीय एवं व्यावसायिक)

    स्वायत्त निकाय (आवासीय एवं व्यावसायिक)

    लाभ लेने के लिए यह दस्तावेज जरूरी

    अलाटमेंट पत्र

    प्रापर्टी के स्वामित्व का प्रमाण

    कवर एरिया व खाली क्षेत्र संबंधी हलफनामा

    स्वीकृत बिल्डिंग प्लान

    अगर व्यावसायिक गतिविधि तो टैक्स माफी रद

    धार्मिक, चैरिटेबल या आध्यात्मिक संस्थानों को हलफनामा देना होगा कि उनकी संपत्ति पर कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं हो रही है। अगर ऐसा पाया गया तो टैक्स माफी रद कर दी जाएगी और उन्हें पूर्ण टैक्स देना होगा।

     15 दिसंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक संस्थानों को मौका दिया जाएगा कि वे अपने कम आंके गए या बिना आकलन वाले प्रापर्टी एरिया को घोषित करें।

    पहली जनवरी 2026 से दस्तावेज जमा करना शुरू होंगे। 20 जनवरी 2026 तक दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि होगी। 21 से 31 जनवरी 2026 तक दस्तावेजों की जांच होगी। फरवरी और मार्च 2026 के निर्धारित दो चरणों में टैक्स भुगतान और छूट मिलेगी।