इन्द्रप्रीत सिंह, चंडीगढ़। Punjab Mining: पंजाब में रेत खनन पर राेक से राज्‍य सरकार के साथ खनन से जुड़े लोग व आम जनता परेशान है। राज्‍य में खनन 1 अक्‍टूबर से शुरू होना था, लेकिन इस पर रोक लग गई। अब इस रोक को हटवाने के लिए भगवंत मान सरकार सक्रिय हो गई है। इसके लिए सरकार ने  स्टेट इन्वायरमेंट इंपेक्ट एसेसमेंट अथारिटी (एसईआइएए) काे पत्र लिखा है।  इस पर फैसला सोमवार को होगा। 

सरकार ने एसईआइएए को पत्र लिखा , सर्वे रिपोर्ट के लिए दो माह का समय मांगा

एसईआईएए फैसला करेगी कि मानसून सीजन के बाद पंजाब की खड्डों से कमर्शियल खनन शुरू हो सकेगा कि नहीं। खनन विभाग के चीफ इंजीनियर ने अथॉरिटी के चेयरमैन हरदीप सिंह गुजराल को पत्र लिखकर कहा है कि मानसून के बाद की सर्वे रिपोर्ट का डाटा इकट्ठा करने के लिए उन्हें समय चाहिए होगा इसके लिए उन्हें दो महीने का समय दिया जाए। माना जा रहा है कि उनके इस पत्र पर अथॉरिटी सोमवार को माइनिंग करने संबंधी फैसला ले सकती है।

मानसून सीजन में रोक के बाद एक अक्‍टूबर से शुरू होनी थी माइनिंग 

काबिले गौर है कि 30 सितंबर को मानसून सीजन खत्म होने के बाद एक अक्टूबर से विधिवत तौर पर रेत खनन शुरू होना था लेकिन अथॉरिटी ने दो दिन पहले एक आदेश जारी करके रोक लगा दी कि अभी तक उन्होंने एन्वायरमेंट क्लियरेंस नहीं ली है और न ही उन्होंने जिला सर्वे रिपोर्ट भेजी हैं।

2020 के फरवरी महीने में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया था कि मानसून के बाद माइनिंग शुरू करने से पहले मानसून के पहले और बाद की जिला सर्वे रिपोर्ट का डाटा दिया जाए ताकि यह पता लगाया जा सके किन खड्डों में खनन की इजाजत देनी है और कितनी रेत निकालने की मंजूरी देनी है।

खनन विभाग ने कहा- खनन पर राेक से पंजाब में मच जाएागा हाहाकार 

अथारिटी को लिखे पत्र में भी खनन विभाग ने कहा कि पंजाब में मानसून का सीजन 30 सितंबर को खत्म हुआ है और मानसून के बाद का डाटा इकट्ठा करने के लिए हमें समय लग सकता है लेकिन अगर तब तक के लिए माइनिंग रोक दी गई तो पंजाब में हाहाकार मच जाएगा। इसलिए विभाग का डाटा इकट्ठा करने के लिए समय दिया जाए। पता चला है कि इस संबंधी अथॉरिटी सोमवार को फैसला लेगी।

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उधर, तीन महीने से माइनिंग बंद होने के कारण अब रेत और बजरी की दिक्कतें महसूस होनी शुरू हो गई है और साथ ही रेत की कमी के कारण इनके रेट भी बहुत बढ़ गए हैं। खासतौर पर हाईवे , रेलवे आदि के पुलों के लिए रेत की कमी के कारण काम ठप हो रहे हैं। सरकार ने कंपनियों को भरोसा दिया है कि मानसून में माइनिंग बंद होने के कारण यह दिक्कत आ रही है लेकिन अक्टूबर में माइनिंग शुरू होने से समस्या दूर हो जाएगी। पंजाब में हर साल 392 लाख टन रेत की जरूरत होती है।

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Edited By: Sunil kumar jha

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