सुनील जाखड़ ने डीजीपी से की मुलाकात, दावा- एंटी ड्रोन सिस्टम के आंकड़े बोगस, पंजाब में धड़ल्ले से बिक रहा नशा
भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने डीजीपी से मुलाकात के बाद पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एंटी ड्रोन आंकड़ों को ...और पढ़ें

सुनील जाखड़। (फाइल फोटो)
HighLights
जाखड़ ने पंजाब में नशे की गंभीर समस्या पर सरकार को घेरा।
एंटी-ड्रोन सिस्टम के आंकड़ों को बोगस बताया, कार्रवाई पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री के विदेश में जन्मदिन मनाने पर भी निशाना साधा।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में नशे के मुद्दे पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर तीखा हमला बोला है। डीजीपी गौरव यादव से मुलाकात के बाद जाखड़ ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या लगातार गंभीर बनी हुई है, लेकिन सरकार इसे रोकने के बजाय आंकड़ों और दावों के जरिए अपनी पीठ थपथपा रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पेरिस में जन्मदिन मनाने पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब नशे की आग में जल रहा है और मुख्यमंत्री विदेश में जन्मदिन मना रहे हैं। जाखड़ ने पंजाब सरकार के एंटी ड्रोन सिस्टम और उससे ड्रोन पकड़ने को लेकर पेश किए जा रहे आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इन आंकड़ों को बोगस बताते हुए कहा कि सरकार दावा कर रही है कि एंटी ड्रोन सिस्टम से बड़ी संख्या में ड्रोन पकड़े गए हैं, लेकिन इन दावों की वास्तविकता पर सवाल हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि नशा तस्करी रोकने के लिए किए जा रहे सरकारी दावों और जमीन पर दिखाई देने वाली स्थिति में अंतर है। जाखड़ ने सवाल किया कि यदि सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशा लगातार पहुंच रहा है तो सरकार के एंटी ड्रोन सिस्टम और निगरानी व्यवस्था का क्या फायदा हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में नशे की बिक्री रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।
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लवप्रीत की मौत के मामले में पुलिस पर सवाल
जाखड़ डीजीपी से मुलाकात के दौरान लवप्रीत की बहन अमनदीप को भी साथ लेकर पहुंचे। अमनदीप ने आरोप लगाया कि उसके भाई की मौत से पहले भी इलाके में नशा बिकने की शिकायत पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिवार के अनुसार, 19 सितंबर को डीजीपी और एसएसपी को ई-मेल तथा स्पीड पोस्ट के जरिए शिकायत भेजी गई थी। इसके बावजूद एक महीने तक कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें डीजीपी से मिलना पड़ा।
अमनदीप ने कहा कि वह पुलिस को पहले भी अपने इलाके में नशे की बिक्री के बारे में बता चुकी थी। उसने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की। अमनदीप ने यह भी कहा कि वह पुलिस को उन स्थानों तक ले जाने के लिए तैयार है, जहां कथित तौर पर नशा बेचा जा रहा है।
बर्खास्त पुलिसकर्मी के घर पर कार्रवाई क्यों नहीं?
जाखड़ ने बर्खास्त पुलिसकर्मी राजजीत के घर पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार नशा तस्करी के खिलाफ गंभीर है तो रज्जित के घर पर सबसे पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के दावे करने वाली सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित मामलों में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
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प्रीगैबलिन की बिक्री और अधिकारियों की जवाबदेही
जाखड़ ने प्रीगैबलिन दवा की बिक्री को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मुक्तसर में सितंबर 2024 में जारी आदेश का हवाला देते हुए पूछा कि बिना पर्ची दवा की बिक्री रोकने के लिए सीमित अवधि के आदेश जारी करने के बाद निगरानी की व्यवस्था क्यों प्रभावी नहीं रही। उन्होंने डीजीपी और मुख्य सचिव से पूछा कि 2024 से 2026 के बीच कितने मेडिकल स्टोरों की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर क्या कार्रवाई हुई।
उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टरों और संबंधित थानों के एसएचओ की जवाबदेही तय करने की मांग भी की। जाखड़ ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल घोषणाओं और आंकड़ों से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए तस्करी पर रोक, मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।
