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'जब तक मांगें नहीं मानी जाती तब तक जारी रहेगी हड़ताल', परिवहन मंत्री से बैठक के बाद भी नहीं चली सरकारी बस

Published: Mon, 01 Dec 2025 09:54 PM (GMT+05:30)

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी यूनियन की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। परिवहन मंत्री ...और पढ़ें

परिवहन मंत्री से बैठक के बाद भी नहीं चली सरकारी बस। फाइल फोटो

परिवहन मंत्री से बैठक के बाद भी नहीं चली सरकारी बस। फाइल फोटो

HighLights

  1. रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल जारी

  2. सरकार के आश्वासन पर हड़ताल खत्म

  3. मंगलवार से बसों का परिचालन सामान्य

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। किलोमीटर स्कीम के विरोध में पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने चौथे दिन भी बसों का पहिया जाम रखा। वहीं, रविवार को परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के साथ तरनतारन में उनके आवास पर हुई बैठक में फैसला लिया था कि सोमवार से राज्यभर में पहले की तरह सरकारी बसें चलेंगी, लेकिन सोमवार को यूनियन के नुमाइंदों ने वीडियो वायरल करते हुए राज्य सरकार के समक्ष मांगों को दोबारा रखा।

इसके साथ ही घोषणा की कि परिवहन मंत्री के साथ हुई बैठक के मौके जो सहमति बनी थी, उसे लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उधर, लुधियाना में कुछ बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चलीं, लेकिन उनमें कंडक्टर नहीं थे। इस दौरान ड्राइवर ने यात्रियों को बस में बैठाया और टिकट काटी। इस कारण बस चालकों तथा यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।

इसी तरह सोमवार को मुक्तसर, गुरदासपुर में कोई सरकारी बस नहीं चली और नवांशहर में 40 बसों में से केवल दो बसें ही चलीं। संगरूर, लुधियाना और बठिंडा में पचास फीसदी बसें ही रूट पर चलीं। संगरूर में बाहरी राज्य के रूट मिस रहे।

फाजिल्का में बसों का पहिया जाम रहा, जबकि फिरोजपुर से केवल दो से तीन बसें ही फाजिल्का-फिरोजपुर रूट पर चलीं। पटियाला में 30 फीसद बसें ही चलीं, रूपनगर में 85 बसों में से सिर्फ चार-पांच बसें ही चलीं। कपूरथला में 90 बसों में से सिर्फ 22 बसों का संचालन हो सका।

जालंधर डिपो में 300 के करीब बसें हैं और केवल तीन रूट पर ही चलीं। फिरोजपुर डिपो में 108 बसों में से चार बसें फाजिल्का व मोगा रूट पर चलीं। संगरूर में संगठन के कार्यकर्ता कुलदीप सिंह का कहना है कि कांट्रैक्ट वर्करों पर दर्ज केस रद करने, सभी साथियों की रिहाई की मांग बरकरार है।

जब मांग पूरी होगी, तब ही हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी। अमृतसर में यूनियन के संयुक्त सचिव जोध सिंह ने कहा कि सरकार ने बैठक में जो निर्णय लिए थे। उस पर सोमवार को अमल करना शुरू कर दिया है। सरकार के आश्वासन पर यूनियन ने अब हड़ताल समाप्त कर दी है तथा मंगलवार को अमृतसर में आम दिनों की तरह बसों का परिचालन शुरू हो जाएगा।