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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'समझाने के बावजूद नहीं माने किसान; लगातार जलाई जा रही पराली', वायु प्रदूषण के लिए SC ने पंजाब को लगाई फटकार

By Jagran NewsEdited By: Gurpreet Cheema
Published: Tue, 21 Nov 2023 12:38 PM (IST)Updated: Tue, 21 Nov 2023 12:58 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट ने वायु प्रदूषण पर हुई सुनवाई के दौरान पंजाब को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि लगातार ...और पढ़ें

पराली जलाने के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब को लगाई फटकार
पराली जलाने के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब को लगाई फटकार

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा में लगातार बढ़ते पराली जलाने के मामलों और दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। लगातार प्रदूषित हो रही हवा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब को फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यहां अदालत में किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है।

पराली जलाने के लिए किसानों के पास कुछ तो कारण हों। शीर्ष अदालत ने कहा कि पंजाब सरकार की रिपोर्ट बताती है कि किसानों और किसान नेताओं के साथ 8481 बैठकें की गई हैं। इन बैठकों के पीछे का मुख्य कारण यह था कि किसानों को धान की पराली न जलाने के लिए समझाया जा सके।

तमाम प्रयासों के बावजूद पराली जलाने की घटनाओं में कमी नहीं आई। पराली जलाने के लिए भूमि मालिकों के खिलाफ 984 एफआईआर दर्ज की गई हैं। दो करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है, जिसमें से 18 लाख रुपये वसूल किए गए हैं।

धान उगाने के दुष्परिणामों को समझें किसान: SC

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पंजाब में भूमि धीरे-धीरे शुष्क होती जा रही है क्योंकि जल स्तर कम होता जा रहा है। यदि जमीन सूख गई तो बाकी सब चीजें प्रभावित होंगी। कहीं न कहीं किसानों को धान उगाने के दुष्परिणामों को समझना चाहिए या समझाया जाना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस बात का भी पता लगाएं कि कैसे धान की खेती को खत्म कर इसकी जगह किसी और फसल को बढ़ावा दिया जाए।

शीर्ष अदालत ने ये भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर चलना होगा और इसका हल ढूंढना होगा। अगर आरोप-प्रत्यारोप का खेल जारी रहा तो जमीन सूख जाएगी, पानी गायब हो जाएगा।