जेएनएन, चंडीगढ़। प्रदेश के परिवहन विभाग ने नई ट्रांसपोर्ट नीति का गजट नोटिफिकेशन जारी करने (वैटिंग) के लिए इसे कानूनी सलाहकार को भेज दिया है। कानूनी सलाहकार की ओर से नीति सही पाए जाने के बाद यह प्रदेश में लागू हो जाएगी। वहीं स्टेट ट्रांसपोर्ट अथारिटी की ओर से प्रदेश के सभी रीजनल ट्रांसपोर्ट अधिकारियों को अवैध ढंग से बसें चलाने वालों को नोटिस जारी करने के आदेश भी दिए गए हैं। इस नीति के तहत अब मिनी बसों को आेपन पाॅलिसी के तहत रूट परमिट दिए जाएंगे।

गजट नोटिफिकेशन के लिए एलआर को भेजी ट्रांसपोर्ट पॉलिसी

इस संबंध में अथारिटी की ओर से पंजाब व हरियाणा हाइकोर्ट की रिट पटीशन सीडब्ल्यूपी नंबर 15786-1999, तिथि 20-12-2012 का हवाला देते हुए पत्र जारी कर 20 दिसंबर 2011 को ट्रांसपोर्ट पॉलिसी (संशोधन) के अनुसार रूटों, परमिटों और बसों के चक्कर में किए गए विस्तार को रद करने के फैसले से अवगत करवाते हुए अवैध बस चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाने के आदेश दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेशों के बाद विभाग की ओर से जारी किए गए पत्र के अनुसार पंजाब में सभी मिनी बसों के परमिट, रूट रद कर दिए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि हाइकोर्ट की ओर से सरकार को इस बात को लेकर फटकार लगाई गई थी कि जिस रूट पर स्टेट ट्रांसपोर्ट नहीं चलती है वहां निजी ट्रांसपोर्टर्स को परमिट क्यों जारी किए गए है।

याचिकाकर्ता का आरोप था कि सरकार की ओर से साजिश के तहत कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसी पॉलिसी बनाई है। ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से अब मिनी बसों के परमिट ओपन पालिसी के तहत जारी किए जाएंगे। कोई भी व्यक्ति ट्रांसपोर्ट विभाग के पास मिनी परमिट के लिए आवेदन कर सकेगा।  

अवैध रूट पर चक्कर लगाने के 5200 मामले

सूत्रों के अनुसार, पिछले समय के दौरान विभाग की ओर से ऐसे 5200 मामलों की पहचान की गई है जहां एक बस चालक को एक से अधिक परमिट या चक्कर लगाने में बढ़ोतरी की गई है। सूत्र ये भी बताते हैं कि ट्रांसपोर्ट एक्ट 1988 का बड़े स्तर पर उल्लंघन किया गया है और एक परमिट पर एक से अधिक बार विस्तार किया गया। जबकि एक परमिट में एक बार 25 किलोमीटर तक बढ़ोतरी की जा सकती है। 

हाइकोर्ट को दी जाएगी पूरी जानकारी

ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रमुख उप सचिव सर्बजीत सिंह ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि परमिट और रूटों में विस्तार के करीब 5200 मामले सामने आए हैं। दो हजार के करीब बसें सड़कों से उतर जाएंगी जबकि मिनी बसों की संख्या छह हजार के करीब हैं। उन्होंने कहा कि नई पॉलिसी के अनुसार ओपन परमिट जारी किए जाएंगे। विभाग की ओर से नई ट्रांसपोर्ट नीति और ट्रांसपोर्टर्स को जारी होने वाले नोटिसों की पूरी जानकारी हाइकोर्ट को भी दी जाएगी।

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