सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़। आपने रामलीला में कई कलाकार देखे होंगे जो श्रीराम, माता सीता, रावण से लेकर अन्य किरदारों का अभिनय करते हैं, लेकिन ऐसी रामलीला आपने नहीं देखी होगी, जिसमें हर किरदार में महिलाएं ही हैं। जी हां ट्राईसिटी की महिलाओं की संस्था ही रामलीला का मंचन कर रही हैं। 32 महिलाओं का यह ग्रुप भगवान श्रीराम, रावण, कुभंकर्ण, मेघनाद, विभीषण तक का किरदार निभा रही हैं। खास बात यह है कि इस रामलीला में एक भी पुरुष कलाकार नहीं है। 

यह रामलीला चंडीगढ़ के साथ लगते जीरकपुर के पीरमुछल्ला में 26 सितंबर से शुरू हो रही है। खास बात यह है कि इस रामलीला में सात से 77 वर्ष की 32 महिलाएं हैं। श्रीरामलीला में अभिनय करने वाली महिलाओं में पेशे से पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट की एडवोकेट, बिजनेस वूमेन, बैंकर और फाइनेंसर भी हैं। इनके अलावा स्कूल और कालेज की छात्राएं भी हैं। इसमें माता कौशल्या का अभिनय 77 वर्ष की पुष्पा जुनेजा कर रही हैं।

जड़ों से जुड़ो स्वयंसेवी संस्था की ये महिलाएं रामलीला का मंचन कर रही हैं। संस्था की संस्थापक एकता नागपाल बताती हैं कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ सिर्फ महिला का नौकरी करना नहीं होता। महिला आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ सामाजिक सामाजस्य बिठाने के भी काबिल होनी चाहिए। इसी सोच को प्रोत्साहित करने के लिए संस्था की तरफ से यह कोशिश की गई है। हालांकि इस रामलीला का निर्देशन पुरुष कर रहे हैं।

रावण का रोल करने वाली रेणु रियल एस्टेट कारोबारी

रामलीला में रावण का अभिनय करने वाली रेणु चावला रियल एस्टेट का बिजनेस करती हैं। रेणु चावला का कहना है कि मेरा प्रयास सनातन धर्म के संस्कारों को जिंदा रखना है। इसी सोच के साथ रामलीला में अभिनय कर रही हूं। रावण विद्वान पंडित होने के बाद किस तरह अहंकार में बर्बाद हुआ। रावण के बारे में सभी को जानना चाहिए। 

77 वर्षीय पुष्पा जुनेजा की हुई है बाईपास सर्जरी

इस रामलीला में सबको प्रभावित करने वाली कलाकार 77 साल की पुष्पा जुनेजा हैं, जो माता कौशल्या का किरदार निभा रही हैं। पुष्पा की बाईपास सर्जरी हो चुकी है, 19 बार आंखों का आपरेशन हुआ है। दोनों घुटने बदले जा चुके हैं। बावजूद उनकी लग्न और मेहनत काबिल के तारीफ है। पुष्पा का कहना है कि माता कौशल्या का अभिनय करने मेरे लिए सौभाग्य की बात है। 

कुंभकर्ण में बुराई भले लेकिन समाजिक नीति समझता था

कुंभकर्ण का किरदार निभा रही पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट की एडवोकेट कुलवंत कौर संधू क्रिमिनल लॉयर हैं। कुलवंत कौर ने बताया कि कुंभकर्ण छह महीने सोता था जो कि उसकी बुराई थी लेकिन वहीं कुंभकर्ण माता सीता के हरण और उसके बाद भगवान श्रीराम के साथ युद्ध का विरोध करता है। जब उसका भाई रावण कुंभकर्ण की बात नहीं मानता तो वह भाई का ही साथ देता है। कुंभकर्ण के अंदर सामाजिक सरोकार की समझ थी और मैं एक वकील होकर कुंभकर्ण का अभिनय करके खुद को गौरवान्वित महसूस करती हूं। 

आर्किटेक्ट वंदना बनी हनुमान

पेशे से आर्किटेक्ट वंदना हनुमान का किरदार निभा रही हैं। वंदना का कहना है कि असल जीवन में भी परिवार जोड़ने का काम करती हूं और किरदार भी मुझे उसी के अनुरूप हनुमान का मिला है। मैं काफी खुश हूं कि हम महिलाएं रामलीला का मंचन कर रही हैं। ट्राईसिटी में ऐसी पहली रामलीला है जहां महिलाएं ही सभी किरदार निभा रही हैं। 

राम का रोल कर रही सेकंड ईयर स्टूडेंट प्रतिभा

महिलाओं की इस रामलीला में राम का किरदार कालेज स्टूडेंट प्रतिभा सिंह निभा रही हैं। प्रतिभा सिंह बीए सेकंड ईयर की छात्रा है। प्रतिभा का कहना है कि रामलीला में श्रीराम का किरदार सबसे महत्वपूर्ण है और मैं इस किरदार को निभाने के लिए खुद को भाग्यशाली मानती हूं। 

स्कूल, कालेज की छात्राएं बनी लक्ष्मण और सीता

श्रीरामलीला में लक्ष्मण का किरदार कर रही वैष्णवी और अंगद का किरदार जानवी निभा रही है। वहीं माधवी माता सीता बनी है यह तीनों स्कूल और कालेज की छात्राएं हैं। इन छात्राओं का कहना है कि वह पहली बार रामलीला में अभिनय कर रही हैं। इसके लिए वह काफी उत्साहित भी हैं। 

परशुराम और अहिल्या का अभिनय कर रही मोनिका सोनी

भगवान परशुराम और अहिल्या का किरदार मोनिका सोनी निभा रही हैं। मोनिका हाउस वाइफ हैं। मोनिका के अनुसार यदि कुछ करना है तो समय खुद को समायोजित करना होगा। परशुराम और अहिल्या दोनों किरदार करते हुए इनकी अहमियत की भी समझ आ रही है। 

Edited By: Sanjay Pokhriyal

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