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वड़िंग की बढ़ीं मुश्किलें, पांच दिन में गिरफ्तारी के निर्देश; बूटा सिंह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में आयोग सख्त

Published: Mon, 31 Aug 2026 04:56 PM (IST)

पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री बूटा सिंह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में अनुसूचित जाति आयोग ने पंजाब पुलिस को राजा वड़िंग समेत आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पांच दिन दिए।

कांग्रेस प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

कांग्रेस प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

HighLights

  1. राजा वड़िंग की गिरफ्तारी के लिए पांच दिन का अल्टीमेटम।

  2. अनुसूचित जाति आयोग ने पंजाब पुलिस को दिए निर्देश।

  3. बूटा सिंह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री स्वर्गीय बूटा सिंह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणी के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पंजाब पुलिस को वड़िंग समेत आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पांच दिन का समय दिया है।

आयोग ने पंजाब पुलिस से पांच दिन के भीतर अब तक की कार्रवाई की स्थिति रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना की अध्यक्षता में सोमवार को मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान पंजाब पुलिस की ओर से पुलिस उपाधीक्षक हरप्रीत सिंह और पुलिस उपाधीक्षक (आर्थिक अपराध एवं साइबर अपराध) गुलजार सिंह पेश हुए।

मामले के शिकायतकर्ता और बूटा सिंह के पुत्र सरबजोत सिंह भी सुनवाई के दौरान मौजूद रहे। आयोग ने जांच और गिरफ्तारी में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। आयोग की ओर से पुलिस को जांच जल्द पूरी करने और सक्षम अदालत में आरोपपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

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लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी

सुनवाई के दौरान आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। आयोग ने पुलिस को मामले की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अब पंजाब पुलिस को पांच दिन के भीतर यह बताना होगा कि आरोपितों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

आयोग ने शिकायतकर्ता सरबजोत सिंह को पंजाब और दिल्ली में सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी सिफारिश की है। इससे मामले की संवेदनशीलता को लेकर आयोग के रुख का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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वड़िंग के पास अदालत जाने का विकल्प

राजा वड़िंग के खिलाफ आयोग के निर्देशों के बाद मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर तूल पकड़ लिया है। हालांकि, आयोग के निर्देशों के बावजूद वड़िंग के पास कानूनी विकल्प खुले हैं। वह आयोग के निर्देशों को अदालत में चुनौती दे सकते हैं।

फिलहाल पुलिस के सामने पांच दिन के भीतर गिरफ्तारी और जांच की स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है। मामले में आगे की कार्रवाई आयोग की रिपोर्ट और पुलिस की जांच के आधार पर तय होगी।

जानें क्या है मामला

तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के दौरान एक चुनावी सभा में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री स्वर्गीय बूटा सिंह को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हुआ था। बूटा सिंह के पुत्र सरबजोत सिंह ने आरोप लगाया कि वड़िंग ने मजहबी सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले उनके पिता के खिलाफ अपमानजनक और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने वड़िंग के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। विवाद बढ़ने के बाद वड़िंग ने बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा था कि बूटा सिंह उनके लिए पिता समान थे और उनका अपमान करने का कोई इरादा नहीं था।

5 मई 2026 को आयोग ने मामले में सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता को सुरक्षा देने और जांच पूरी करने के निर्देश दिए थे। 31 अगस्त की सुनवाई में कार्रवाई रिपोर्ट नहीं आने पर आयोग ने नाराजगी जताई और पांच दिन में गिरफ्तारी के निर्देश दिए।

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