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राजस्थान से बकाया भुगतान पर पंजाब सख्त, गोयल बोले- जरूरत पड़ी तो अदालत जाएंगे; 109 ब्लॉकों में सुधरा भूजल 

By Dr. Sumit Singh SheoranEdited By: Anuj Sharma
Published: Mon, 31 Aug 2026 04:33 PM (IST)

कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने नहरी पानी के बढ़ते इस्तेमाल से पंजाब के भूजल स्तर में सुधार का दावा ...और पढ़ें

कैबिनेट मिनिस्टर बरिंदर गोयल।

कैबिनेट मिनिस्टर बरिंदर गोयल।

HighLights

  1. नहरी पानी के उपयोग से भूजल स्तर में सुधार।

  2. भाखड़ा बांध को तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित बताया।

  3. पानी के हिस्से के लिए कोर्ट जाने को तैयार पंजाब।

डाॅ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सोमवार को पंजाब भवन में प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश में नहरी पानी के इस्तेमाल और भूजल स्तर को लेकर सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब में नहरी पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार हुआ है।

गोयल ने कहा कि एक समय यह भविष्यवाणी की जा रही थी कि वर्ष 2037 तक पंजाब रेगिस्तान में बदल सकता है। हालांकि, सरकार ने नहरी पानी को अधिक से अधिक खेतों तक पहुंचाने पर जोर दिया, जिससे भूजल पर निर्भरता कम हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 तक प्रदेश में उपलब्ध नहरी पानी का करीब 26 प्रतिशत ही इस्तेमाल हो रहा था, जबकि अब यह आंकड़ा बढ़कर करीब 82 प्रतिशत हो गया है।

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नहरी नेटवर्क पर 75 हजार करोड़ खर्च

75 हजार करोड़ रुपये खर्च, हजारों मीटर खालों का निर्माण कैबिनेट मंत्री ने बताया कि नहरी नेटवर्क को मजबूत करने और पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 75 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके तहत हजारों मीटर खालों का निर्माण और नहरी व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया गया है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में 1117 नहरों और माइनरों के माध्यम से करीब 39,000 क्यूबिक पानी किसानों तक पहुंच रहा है। नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों की भूजल पर निर्भरता कम हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में बिजली की खपत में भी करीब 16 प्रतिशत की कमी आई है।

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पंजाब के पानी के लिए जाएंगे कोर्ट

109 ब्लॉकों में भूजल स्तर में सुधार गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार के सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की हालिया रिपोर्ट, जिसे लोकसभा में पेश किया गया है, में पंजाब के भूजल स्तर में सुधार की बात सामने आई है। उन्होंने दावा किया कि कई क्षेत्रों में भूजल स्तर करीब दो मीटर तक ऊपर आया है। पंजाब के 109 ब्लॉकों में अलग-अलग स्तर पर भूजल की स्थिति में सुधार दर्ज किया गया है।

पानी के हिस्से के लिए जरूरत पड़ी तो कोर्ट जाएंगे राजस्थान को पानी देने के बदले रॉयल्टी के पुराने समझौते से जुड़े सवाल पर गोयल ने कहा कि वर्ष 1920 में राजस्थान के महाराजा बीकानेर के साथ पानी की सप्लाई को लेकर समझौता हुआ था। वर्ष 1961 तक राजघराने की ओर से पंजाब सरकार को रॉयल्टी दी जाती रही।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा हाल में शिमला में हुई नॉर्दर्न काउंसिल की बैठक में भी पंजाब सरकार ने उठाया है। जरूरत पड़ी तो पंजाब अपने पानी के हिस्से के लिए अदालत का रुख करने से भी पीछे नहीं हटेगा।

भाखड़ा बांध को बताया पूरी तरह सुरक्षित


भाखड़ा बांध की सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर गोयल ने कहा कि पंजाब के लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। तकनीकी तौर पर भाखड़ा बांध पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि हाल में विदेश से आए तकनीकी विशेषज्ञों ने भी इसे दुनिया के मजबूत बांधों में बताया है। गोयल के अनुसार, पानी के दबाव के कारण भाखड़ा बांध करीब 1.03 इंच तक झुक सकता है और फिर अपनी स्थिति में लौट आता है।

वर्ष 1995 से 2025 के बीच ऐसा करीब 15 बार हो चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि बांध में करीब 26 प्रतिशत सिल्ट जमा हो चुकी है। इसे निकालने को लेकर बीबीएमबी और केंद्र सरकार को कई बार पत्र लिखा गया है। सिल्ट हटने से जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी और लोगों को अतिरिक्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।

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