चंडीगढ़, [कैलाश नाथ]। Punjab New Cabinet: राहुल गांधी की मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंही चन्‍नी और पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत के साथ बैठक में राज्‍य की नई कैबिनेट तय हो गई है। इस बैठक में पंजाब के नए मंत्रियों के नाम लगभग तय हो गए हैं। आज इसका खुलासा हो सकता है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की नई कैबिनेट में नए और पुराने चेहरों का सुमेल होगा।

कैबिनेट के मंत्रियों  को लेकर कांग्रेस के पूर्व राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने पंजाब के मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी व अन्‍य नेताओं के साथ मंथन किया। दिल्‍ली में राहुल गांधी के निवास पर वीरवार को हुई बैठक में केसी वेणुगोपाल, पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत सहित कुछ अन्य नेता मौजूद थे। अहम बात यह है कि इस बैठक के लिए चन्नी को अचानक ही दिल्ली बुलाया गया और उन्होंने अमृतसर से दिल्ली के लिए उड़ान भरी। बैठक के लिए चन्‍नी को अकेले आने को कहा गया और पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को नहीं बुलाया गया। इस बीच, सूचना है कि चन्नी को एक बार फिर पार्टी हाईकमान ने दिल्ली बुलाया है।

सीएम चन्नी को अकेले दिल्ली आने के लिए कहा गया, नवजोत सिंह सिद्धू को नहीं बुलाया गया

पार्टी सूत्रों के अनुसार कैबिनेट मंत्रियों की सूची को लेकर पार्टी हाईकमान ने अंतिम निर्णय ले चुका है। अब केवल कुछ अन्य पहलुओं पर विचार किया जा रहा है और उसके बाद मंत्रियों के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। वहीं, राहुल गांधी कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ को भी नई भूमिका में लाना चाहते हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार वीरवार को राहुल गांधी ने चन्नी को जब दिल्ली बुलाया तो उन्हें हिदायत दी गई थी कि वह अकेले ही आएं। क्योंकि, उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की घोषणा के बाद से ही वह प्रदेश प्रधान नवजोत सिद्धू के साथ चल रहे हैं। इससे आम लोगों में यह संदेश जा रहा था कि सिद्धू 'सुपर सीएम' की तरह चन्नी को साथ लेकर चल रहे हैं। इसी कारण उन्हें अकेले दिल्ली आने के लिए कहा गया।

नवजोत सिंह सिद्धू के साथ पहले ही हाे चुकी है कैबिनेट में लिए जाने वाले नामों पर चर्चा

पार्टी सूत्रों का यह भी कहना है कि चन्नी को भले ही अकेले दिल्ली बुलाया गया है लेकिन कैबिनेट के संभावित चेहरों को लेकर हाईकमान सिद्धू के साथ चर्चा कर चुकी है। नई कैबिनेट नए और पुराने चेहरों का सुमेल हो सकती है। इसमें कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में मंत्री रहे भारत भूषण आशु, विजय इंदर सिंगला, मनप्रीत सिंह बादल, रजिया सुल्ताना, अरुणा चौधरी को जगह दी जा सकती है।

कैप्टन के करीबी राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी, साधू सिंह धर्मसोत, गुरप्रीत कांगड़ के अलावा बलबीर सिंह सिद्धू को स्थान मिलने की संभावना कम है। पार्टी कैप्टन के समय मंत्री रहे कुछ मंत्रियों को इसलिए कैबिनेट में रखना चाहती है ताकि कैप्टन को हमला करने के लिए खुला मैदान न मिल जाए। पूरी कैबिनेट बदलने पर कैप्टन के हमले और तेज हो सकते हैं।

सुनील जाखड़ को भी नई भूमिका में लाना चाहते हैं राहुल

पंजाब में नया मुख्यमंत्री लगाए जाने की दौड़ में सबसे आगे रहने के बावजूद इस पद को पाने से चूके सुनील जाखड़ को पार्टी नई जिम्मेदारी देने की तैयारी में है। बुधवार को राहुल गांधी ने जाखड़ को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर बुलाया और अपने साथ दिल्ली ले गए। पार्टी सूत्रों के अनुसार राहुल ने जाखड़ को कैबिनेट में आने के लिए कहा लेकिन उन्होंने हामी नहीं भरी। इसके बाद से ही राहुल गांधी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जाखड़ के लिए नई भूमिका तलाश रहे हैं। वीरवार को भी राहुल और जाखड़ की मुलाकात होनी थी लेकिन दोनों नेता मिल नहीं सके। बताया जा रहा है कि राहुल कैबिनेट की घोषणा से पहले जाखड़ की भूमिका का एलान करना चाहते हैं।

 

Edited By: Sunil Kumar Jha