पंजाब रोडवेज कर्मियों की हड़ताल जारी, 152 कर्मचारियों को किया बर्खास्त; आज परिवहन मंत्री की अहम बैठक
पंजाब रोडवेज के कर्मचारियों की हड़ताल जारी है, जिससे यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने 152 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। कर्मचारियों की मांगें वेतन वृद्धि और नौकरी की सुरक्षा हैं। परिवहन मंत्री आज हड़ताल को समाप्त करने के लिए कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। हड़ताल के कारण कई मार्गों पर बसें नहीं चल रही हैं।

पंजाब में बसों की हड़ताल जारी (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पंजाब में किलोमीटर स्कीम का विरोध कर रहे रोडवेज के संविदा कर्मियों की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। बसें न चलने से परेशान यात्रियों से मिलने मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे ही रूपनगर जिले के कुराली के बस स्टॉप पर पहुंच गए। ठंड में खड़े यात्रियों के साथ बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया।
शाम तक परिवहन विभाग ने 152 हड़ताली कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। बाकियों को काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया है। काम पर न लौटने पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर ने रविवार दोपहर 12 बजे बातचीत के लिए रोडवेज यूनियन की चंडीगढ़ में बैठक भी बुलाई है।
कुराली बस स्टाप पर श्री हरमंदिर साहिब अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब, डेरा व्यास जाने के लिए खड़े यात्रियों ने सीएम को बताया कि वह ठंड में पिछले करीब एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद सीएम ने डीसी को मौके पर बुलाकर दिशानिर्देश दिए। वह यहां लगभग डेढ़ घंटे तक यात्रियों के बीच रहे। ठंड में उनके साथ चाय भी पी।
लोगों को नहीं होनी चाहिए परेशानी
मान ने कहा कि बातचीत के लिए हमारे दरवाजे खुले हैं। कर्मचारियों को विरोध करने का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन्हें यह पक्का करना चाहिए कि लोगों को कोई परेशानी न हो। इसके बाद दोपहर को परिवहन विभाग ने हड़ताली कर्मचारियों को बर्खास्तगी को नोटिस जारी कर दिया।
शनिवार शाम तक बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में पंजाब रोडवेज के 108 और पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (पीआरटीसी) के 44 कर्मचारी शामिल हैं। इनमें 10 ऐसे हैं जिन पर संगरूर में गैर इराततन हत्या का केस दर्ज किया गया है।
हड़ताल पर जाने का नहीं है अधिकार
पंजाब में लगभग 5000 रोडवेज कर्मचारी इस समय हड़ताल पर हैं। विभाग के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि चूंकि ये कर्मचारी अनुबंध के आधार पर हैं, इसलिए इन्हें निलंबित नहीं किया जा सकता और न ही इनके पास हड़ताल पर जाने का कोई अधिकार है। अगर ये काम पर न लौटे तो इनकी सेवाएं समाप्त की जाएंगी।
इस कारण हो रहा प्रदर्शन
राज्य सरकार की ओर से किलोमीटर स्कीम के तहत बसें खरीदने के लिए टेंडर जारी होने थे। संविदा कर्मी इसका विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत बसें खरीदकर उन्हें पक्का करने से बच रही है।
उल्लेखनीय है कि किलोमीटर स्कीम के तहत राज्य में जितनी भी बसें चलती हैं, उन्हें चलाने के लिए अस्थाई कर्मचारी ही रखे जाते हैं। कर्मचारियों की मांग है कि सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत बसें खरीदने के बजाय पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी के लिए बसें खरीदे ताकि उन्हें पक्का किया जा सके।

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