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पंजाब में 21 अक्टूबर से रोडवेज बसों का चक्का जाम, मांगें पूरी न होने पर फिर से हड़ताल पर जाएंगे कर्मचारी

Published: Mon, 19 Oct 2026 12:39 PM (IST)

मांगें पूरी न होने पर पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों ने 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल और बसों का चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।

ये प्रतीकात्मक तस्वीर है।

ये प्रतीकात्मक तस्वीर है।

HighLights

  1. 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।

  2. संविदा कर्मचारियों की नियमितीकरण की मुख्य मांग।

  3. लाखों यात्रियों को होगी भारी असुविधा।

डाॅ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब में एक बार फिर बसों का संचालन प्रभावित हो सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के संविदा कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने उनकी मांगों का समाधान नहीं किया तो राज्यभर में बसों का चक्का जाम किया जा सकता है।

ऐसा होने पर रोजाना बसों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब रोडवेज, पनबस/पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब के नेताओं ने सरकार पर कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। यूनियन का कहना है कि मांगों को लेकर बार-बार बैठकें टलने से कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है।

यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो कर्मचारी आंदोलन को और तेज करेंगे। पिछले दो से 3 महीने के बीच चार से पांच बार रोडवेज कर्मचारियों की विभाग के अधिकारियों और परिवहन मंत्री के साथ बैठक तय हो चुकी है लेकिन रोडवेज कर्मचारियों के मामले में उठाए गए मुद्दे सिर्फ अभी तक फाइलों में ही घूम रहे हैं।

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15 अक्टूबर को दिया था धरना

बीते 15 अक्टूबर को भी पंजाब रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर डिपो स्तर पर धरना दिया था। परिवहन मंत्री और अधिकारियों के साथ प्रस्तावित बैठक को उसे दिन भी पंजाब बंद के कारण स्थापित करना पड़ा था। रोडवेज संगठन नेताओं का कहना है कि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो बसों का संचालन रोकेंगे कर्मचारी यूनियन के प्रदेश नेता रेशम सिंह गिल ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है।

अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे शुरू

सरकार को जल्द बातचीत कर समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। आंदोलन के तहत बसों का संचालन रोकने का फैसला लिया जा सकता है।

यूनियन ने यह भी चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो पंजाब विधानसभा के 22 अक्टूबर से शुरू होने जा रहे सत्र के दौरान मुख्यमंत्री आवास के बाहर स्थायी धरना दिया जाएगा। इससे साफ है कि सरकार और कर्मचारियों के बीच सहमति नहीं बनने पर आने वाले दिनों में परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

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बसें बंद हुईं तो यात्रियों को होगी परेशानी

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की बसों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना कामकाज, पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरी कार्यों के लिए सफर करते हैं। ऐसे में यदि कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए और बसों का संचालन बंद हुआ तो यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। खासकर लंबी दूरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवाएं प्रभावित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

यूनियन ने सरकार से मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि 21 अक्टूबर से प्रस्तावित हड़ताल को रोकने के लिए सरकार कर्मचारियों से बातचीत करती है या फिर पंजाब में बस सेवाओं पर असर पड़ता है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगें

  • नियमितीकरण: पिछले 10 से 15 वर्षों से अनुबंध पर नियुक्त चालक और परिचालकों को पक्का (रेगुलर) किया जाए।
  • सेवा बदलाव: आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर लाया जाए। 
  • मुकदमे वापसी: विरोध प्रदर्शन और अन्य मामलों के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज किए गए पुलिस के झूठे केस वापस लिए जाएं। 
  • व्यवस्था समाप्ति: पंजाब रोडवेज से आउटसोर्स की पूरी व्यवस्था को जड़ से समाप्त किया जाए।

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