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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Punjab Politics: कमजोर न समझें, ऐसा टीका लगेगा ढूंढे नहीं मिलेंगे; नवजोत सिंह सिद्धू को राजा वड़िंग की चुनौती

Published: Wed, 10 Jan 2024 10:33 PM (IST)

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा अपने स्तर पर की जा रही रैलियों को लेकर प्रदेश प्रधान ...और पढ़ें

नवजोत सिंह सिद्धू को राजा वड़िंग की चुनौती
नवजोत सिंह सिद्धू को राजा वड़िंग की चुनौती

कैलाश नाथ, चंडीगढ़। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा अपने स्तर पर की जा रही रैलियों को लेकर प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पहली बार खुल कर अपनी नाराजगी जताई है। वड़िंग ने सिद्धू को खुल कर चुनौती देते हुए कहा ‘किसी को कमजोर नहीं समझना चाहिए। कोई कमजोर नहीं हैं। कई बार जिसे कमजोर समझते है वह ऐसा टीका लगाता कि आप ढूंढे नहीं मिलते है।’

वड़िंग ने यह चेतावनी तब दी जब कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव पार्टी के कामकाज को देखने के लिए पिछले तीन दिनों से पंजाब में है और दो दिनों से पार्टी के नेता सिद्धू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग कर रहे है।

वड़िंग ने कहा- उन्हें कमजोर न समझा जाए

ब्लाक प्रधानों के साथ बैठक के उपरांत कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजा वड़िंग ने कहा, सिद्धू कभी 75:25 की बात करते है तो कभी 80:20 की। वह समय भी आएगा जब वह 90:10 (सत्ता और विपक्ष की हिस्सेदारी) की बात करने लगेंगे। वह यह बात कैसे कर रहे है, इसका जवाब तो सिद्धू ही दे सकते हैं, लेकिन किसी को भी रंग में भंग नहीं डालना चाहिए। अगर कोई ऐसा करता है तो उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वड़िंग ने यहां तक कह दिया कि उन्हें कमजोर न समझा जाए। उन्होंने कहा, किसी को भी कमजोर नहीं समझना चाहिए। कोई कमजोर नहीं होता है। कई बार जिसे कमजोर समझा जाता है वह ऐसा टीका लगाता है कि ढूंढे नहीं मिलते। 

सिद्धू राजा वड़िंग की अगुवाई को मानने को तैयार नहीं

वड़िंग का इशारा बिल्कुल स्पष्ट था कि सिद्धू उन्हें कमजोर न समझे। अहम बात यह है कि सिद्धू राजा वड़िंग की अगुवाई को मानने को तैयार नहीं है। इसलिए वह अपना अलग अखाड़ा चला रहे है। वहीं, राजा वड़िंग का यह बयान पार्टी हाईकमान के लिए भी एक संदेश माना जा रहा है। क्योंकि पंजाब कांग्रेस जहां सिद्धू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग कर रही है। 

सिद्धू होशियारपुर में रैली करने वाले थे

वहीं प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव का रुख सिद्धू के प्रति नर्म माना जा रहा है। क्योंकि 8 जनवरी को जब देवेंद्र यादव श्री हरमिंदर साहिब में माथा टेकने के लिए गए थे तब वहां पर नवजोत सिद्धू भी पहुंचे थे। जबकि पार्टी की ओर से उन्हें नहीं बुलाया गया था। जबकि इसके अगले ही दिन जब विधायकों व विधान सभा का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की बैठक चंडीगढ़ में कांग्रेस भवन में रखी गई थी, उस दिन (9 जनवरी) सिद्धू ने होशियारपुर में रैली रखी हुई थी। वहीं, सिद्धू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर राजा वड़िंग के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए जा रहे है।