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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिद्धू के करीबी पंजाब कांग्रेस MLA परगट सिंह का अमरिंदर पर निशाना, 2022 के चुनाव में वोट मिलना मुश्किल

By Sunil kumar jhaEdited By:
Published: Fri, 26 Feb 2021 09:03 AM (IST)Updated: Fri, 26 Feb 2021 09:41 AM (IST)

पंजाब कांग्रेस में फिर कलह तेज होती दिख रही है। राज्‍य कें कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने पार्टी पर ही ...और पढ़ें

नवजोत सिंह सिद्धू के साथ परगट सिंह। (फाइल फोटो)
नवजोत सिंह सिद्धू के साथ परगट सिंह। (फाइल फोटो)

चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब कांग्रेस में फिर कलह सामने आई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजाेत सिंह सिद्धू के करीबी कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने पार्टी और मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिह पर निशाना साधा है। उनके बयान से पंजाब कांग्रेस में हलचल पैदा हो गई है। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष सुनील जाखड़ द्वारा 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्‍व में लड़े जाने पर सवाल उठाया है। परगट सिंह ने कहा कि 2022 में कांग्रेस को वोट मिलना मुश्किल होगा और लोग कांग्रेस को वोट देने से पहले सोचेंगे। राज्‍य में सरकार की परफार्मेंस उतनी अच्छी नहीं है जितनी होनी चाहिए थी।

कैप्टन के नेतृत्व में चुनाव लड़ने के एलान पर कहा, हाईकमान तय करे किसके नेतृत्व में लड़ा जाए चुनाव

बता दें कि परगट सिंह को पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का करीबी माना जाता है। सिद्धू ने भाजपा छोड़ने के बाद परगट सिंह के साध मोर्चा बनाया था और बाद में सिद्धू की पत्‍नी डा. नवजोत कौर सिद्धू के साथ कांग्रेस में शामिल हुए थे। इसके बाद सिद्धू भी कांग्रेस में शामिल हुए थे।

परगट सिंह ने कहा कि 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम पर लोगों ने कांग्रेस को वोट डाली थी, क्योंकि तब वाटर टर्मिनेशन एक्ट और अन्य एतिहासिक फैसलों को लेकर लोगों में उनकी इमेज अच्छी थी। लेकिन अब सरकार की परफार्मेंस उतनी अच्छी नहीं है।

परगट ने सुनील जाखड़ द्वारा 2022 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ने वाले एलान के संबंध में कहा कि वह प्रदेश प्रधान है लेकिन मेरा मानना है कि यह फैसला पार्टी हाईकमान को लेना चाहिए। पार्टी हाईकमान ही तय करे कि किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा।

कैप्टन की चार सप्ताह में नशा खत्म करने की घोषणा को भी अव्यवहारिक बताया

वहीं, नशे के मुद्दे पर परगट सिंह ने एक बार फिर सरकार पर उंगली उठाई। उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा चार सप्ताह में नशा खत्म करने की घोषणा को अव्यवहारिक बताया। उधर, कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य शमशेर सिंह दूलो पहले ही जाखड़ के इस फैसले पर सवाल उठा चुके हैं। वहीं, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं, अगर प्रदेश प्रधान ही मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा करेगा तो फिर हाईकमान का क्या काम है। हाईकमान के पास फिर रह क्या जाता है।

परगट सही कह रहे हैं: जाखड़

परगट सिंह के सवाल उठाने को कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने सही बताया है। उन्होंने कहा कि यह सही है कि सीएलपी की बैठक में पार्टी नेता का नाम तय होता है। पार्टी हाईकमान उस पर मोहर लगाती है। लेकिन इसके लिए चुनाव लड़ना होता है। चुनाव में चेहरा सामने आता है। जाखड़ ने कहा कि मैंने यह कभी नहीं कहा कि कैप्टन अम¨रदर ¨सह ही मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा, मैंने कैप्टन फार 2022 लांच किया। जिसका सीधा सा मतलब है कि 2022 का चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

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