हिसार, [चेतन सिंह सोचिये... जिस शहर कभी आप गए भी न हों, वहां से चालान कटकर आ जाए, तो क्या हो।चालान भी उस वाहन का जो आपके पास है ही नहीं। हिसार में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। रायपुर रोड स्थित विशाल नगर में रहने वाले एक कारपेंटर का दिल्ली पुलिस ने तेज रफ्तार से कार चलाने का 2000 रुपये का चालान काटा है। यह चालान 59 वर्षीय कारपेंटर के घर आया है। जब सुरेंद्र कुमार ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का चालान देखा तो उनके होश उड़ गए।

न तो सुरेंद्र कुमार कभी दिल्ली गए न उनका बेटा इन दिनों में कभी दिल्ली गया। हैरानी की बात तो यह कि सुरेंद्र कुमार ने कार ही नहीं खरीदी। दिल्ली पुलिस ने चालान के साथ सीसीटीवी में कैद कार की तस्वीर भी भेजी है जिसमें सुरेंद्र कुमार की बाइक का नंबर लिखा हुआ है। सुरेंद्र कुमार की बाइक उनका बेटा चलाता है मगर बाइक का रजिस्ट्रेशन सुरेंद्र कुमार के नाम से है। सुरेंद्र कुमार का कहना है कि उनकी बाइक का नंबर कोई इस्तेमाल कर रहा है। यह नंबर बाइक के नाम पर रजिस्टर्ड है फिर भी पुलिस कार की फोटो के साथ चालान कर रही है यह समझ से परे है।

दिल्ली पुलिस की ओर से सुरेंद्र कुमार के घर भेजा गया चालान।

पुलिस और ट्रैफिक पुलिस थाने के काट रहे चक्कर

सुरेंद्र कुमार ने कहा कि उनकी बाइक नंबर कोई अपनी कार पर लगाकर इस्तेमाल कर रहा है। जब इस पूरे मामले की शिकायत मिल गेट थाना पुलिस से की। मगर पुलिस ने कहा कि यह ट्रैफिक पुलिस का मामला है। जब सुरेंद्र कुमार ट्रैफिक थाना गए तो वहां पुलिसकर्मियों ने कहा कि इसके लिए दिल्ली जाना पड़ेगा। सुरेंद्र कुमार ने कहा कि उनकी कहीं पर कोई गलती नहीं है फिर भी उनको परेशान होना पड़ रहा है।

दिल्ली पुलिस ने चालान के साथ सीसीटीवी में कैद कार की भेजी गई तस्वीर। 

नगर निगम की कचरा ढोने की गाड़ी का काट दिया था चालान

ऐसा ही एक और वाकया अर्बन एस्टेट के रहने वाले एक व्यक्ति के साथ भी हुआ था। उनकी गाड़ी कभी दिल्ली नहीं गई और दिल्ली में उनका चालान कट गया। वहीं हिसार नगर निगम की कचरा ढाेने वाली गाड़ी का बिहार के गया में चालान की सूचना मिली थी। नगर निगम के एसई के पास यह सूचना आई थी। जबकि गाड़ी कभी हिसार से बाहर नहीं गई थी। चालान के मैसेज के बाद निगम अधिकारियों ने जांच करवाई तो गाड़ी दमकल केंद्र में ही खड़ी मिली।  

तुरंत एसडीएम ऑफिस में करें शिकायत

हिसार में लंबे समय तक ट्रैफिक प्रभारी रहे अतर सिंह ने बताया कि यह फ्रॉड का मामला है। अगर किसी के सामने ऐसा मामला आता है तो उसे तुरंत एसडीएम ऑफिस जाकर शिकायत करनी चाहिए और शिकायत की एक कॉपी एसपी ऑफिस में देनी चाहिए। अगर पीड़ित ऐसा नहीं करता है तो पीड़ित अपने वाहन के नंंबर के गलत इस्तेमाल से बड़ी मुसीबत में भी फंस सकता है। अगर शिकायतकर्ता एसडीएम या एसपी ऑफिस नहीं जा सकता है तो वह मेल या पत्र के जरिये भी शिकायत कर सकता है। रही बात दिल्ली पुलिस के चालान की तो ऐसे चालान का कोई महत्व नहीं रह जाता। जब व्यक्ति दिल्ली गया नहीं तो चालान किस बात का।

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