खेलों में भी पंजाब गाड़ रहा झंडा, मान सरकार की नई खेल नीति से राज्य में बढ़ रहीं सुविधाएं
मान सरकार चाहती है कि पंजाब में खेलों को बढ़ावा मिले। इसके लिए सरकार ने 1000 स्पोर्ट्स नर्सरियां स्थापित करा रही है। इन नर्सरी में विश्व स्तरीय कोचिंग खेल सामग्री और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पिछले साल मुख्यमंत्री ने खेडां वतन पंजाब दियां कार्यक्रम के तीसरे संस्करण को लांच किया था। इस दौरान 37 तरह के विभिन्न खेलों के पांच लाख एथलीटों ने भाग लिया था।

चंडीगढ़। पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य की भगवंत मान सरकार विशेष प्रयास कर रही है। सरकार का प्रयास है कि पंजाब के खिलाड़ी देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में नाम रोशन करें। पंजाब के खिलाड़ी में काफी दम है और खेलों के अनुरूप नीतियों से पंजाब के खिलाड़ी कमाल कर रहे हैं। 'खेडां वतन पंजाब दियां' कार्यक्रम और नई खेल नीति से पंजाब में खिलाड़ियों को सुविधाएं मिल रही हैं और इसी कारण से वे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
पंजाब सरकार के इन प्रयासों से पेरिस ओलंपिक में खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। पंजाब के 19 खिलाड़ियों ने पेरिस ओलंपिक में भाग लिया था। हॉकी खेलने वाली टीम में पंजाब के दस खिलाड़ी थे। वहां पर भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीता था। छह खिलाड़ी निशानेबाजी थे। इसके अलावा दो एथलीट और एक गोल्फर ने पेरिस ओलंपिक में भाग लिया। पैरालंपिक गेम्स में भी पंजाब के खिलाड़ियों ने भाग लिया। वहां तीन खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं में अपनी दावेदारी पेश की। उन्होंने एथलेटिक्स, बैडमिंटन और पावरलिफ्टिंग में अपना दम दिखाया।
पंजाब सरकार की नई खेल नीति में खिलाड़ियों को सुविधाएं देने पर विशेष जोर दिया गया। इसी कारण इन सभी 22 खिलाड़ियों को खेलों की तैयारियां करने के लिए प्रत्येक को 15-15 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। इस तरह इन खिलाड़ियों पर 3.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम में आठ खिलाड़ी पंजाब से थे। इन आठों खिलाड़ी में प्रत्येक को 1-1 करोड़ रुपये दिए गए। दो अन्य खिलाड़ी रिजर्व थे, उनको 15-15 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई।
सीएम मान ने कहा कि हम पंजाबी हैं। हमें नंबर वन से कम पोजीशन पसंद ही नहीं है। हम अपना खेल खेलते हैं। दारा सिंह और मिल्खा सिंह जैसे बड़े नाम इसकी मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि एशियन खेलों और नेशनल गेम्स में जीत हासिल करने वाले 168 खिलाड़ियों को 33.83 करोड़ रुपये की इनामी राशि दी गई। एशियन खेलों के गोल्ड मेडल विजेता को एक करोड़ रुपये, सिल्वर मेडल विजेता को 75 लाख रुपये और ब्रांज मेडल विजेता को 50 लाख रुपये दिए गए।
मान सरकार चाहती है कि पंजाब में खेलों को बढ़ावा मिले। इसके लिए सरकार ने 1000 स्पोर्ट्स नर्सरियां स्थापित करा रही है। इन नर्सरी में विश्व स्तरीय कोचिंग, खेल सामग्री और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पिछले साल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 'खेडां वतन पंजाब दियां' कार्यक्रम के तीसरे संस्करण को लांच किया था। यह कार्यक्रम काफी सफल रहा। इस दौरान 37 तरह के विभिन्न खेलों के पांच लाख एथलीटों ने भाग लिया था। इसमें पहली बार पैरास्पोर्ट्स को भी शामिल किया गया था, ताकि सभी को अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका मिले।
नई खेल नीति का मकसद है कि प्रतिभावान खिलाड़ी को ही मौका मिले। चयन प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए। इसमें किसी भी तरह से मापदंड़ों का उल्लंघन न हो। राज्य सरकार का मकसद है कि सभी प्रतियागिताओं के लिए मेरिट बेस्ड सिलेक्शन हो। क्षमतावान खिलाड़ियों को राज्य और देश स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का निष्पक्ष अवसर दिया जाए।
एक जिले में एक खेल
पंजाब में प्रतिभाओं को निखारने और सुविधाएं बढ़ाने के लिए 'वन डिस्ट्रिक, वन स्पोर्ट्स' को मान सरकार के द्वारा लांच किया गया है। हर जिले के लिए समर्पित स्पोर्ट्स एसोसिएशन बनाई गई है जो कि विशेषज्ञों से खिलाड़ियों को ट्रेनिंग कराना सुनिश्चत कराएगी। पांच सदस्यीय एक कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी का काम युवा प्रतिभाओं को निखारना है, ताकि वे स्टेट और नेशनल लेवल पर अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
महिला खिलाड़ियों पर भी जोर
पंजाब की मान सरकार चाहती है कि महिला खिलाड़ी भी स्टेट और नेशनल लेवल पर पंजाब का नाम रोशन करें। इसी कारण से सुरक्षित स्पोर्ट्स वातावरण बनाने का मान सरकार का लक्ष्य है। जिला स्तर पर पांच सदस्यीय सेक्सुअल हेरेसमेंट कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में तीन महिला और दो पुरुष सदस्य होंगे। इस कमेटी को बनाने का उद्देश्य है कि महिला खिलाड़ियों को संदेश दिया जाए कि उन्हें यहां पर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे महिला खिलाड़ी भी यहां पर आने के लिए प्रोत्साहित हो।
पंजाब की धरती चैंपियंस की धरती हैं। यहां से निकले हर खेल के खिलाड़ी देश ही नहीं, पूरी दुनिया में अपना प्रतिभा का लोहा मनवाते हैं। यहां के खिलाड़ियों ने पहलवानी, हॉकी, निशानेबाजी और एथलेटिक्स जैसे खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मान सरकार बेहतरीन नीतियों, पारदर्शी गवर्नेंस और एथलीटों को पूरा समर्थन देकर खेल की दुनिया में अपनी विरासत को पुनः प्राप्त करने के लिए तैयार है।
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