विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

DA मामले में पंजाब सरकार को हाईकोर्ट की फटकार, मुख्य सचिव पर ₹100000 जुर्माना

Published: Tue, 27 Oct 2026 12:23 PM (IST)

महंगाई भत्ते से जुड़े मामले में जवाब दाखिल नहीं करने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

ये AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर है।

ये AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर है।

HighLights

  1. मुख्य सचिव पर हाईकोर्ट ने ₹1 लाख जुर्माना लगाया।

  2. डीए मामले में आदेशों का पालन न करने पर कार्रवाई।

  3. मुख्य सचिव को 3 नवंबर को व्यक्तिगत पेशी का आदेश।

दयानंद शर्मा, चंडीगढ़। महंगाई भत्ते (डीए) से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के आदेशों पर कार्रवाई नहीं होने और सरकार की ओर से जवाब दाखिल नहीं किए जाने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाया है।

मामले में दायर अवमानना याचिका पर करीब एक घंटे तक चली सुनवाई के दौरान अदालत ने जवाब दाखिल नहीं करने पर पंजाब के मुख्य सचिव पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई पर मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर यह बताना होगा कि हाईकोर्ट के आदेशों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है और उनका पालन कब तक किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- मुख्यमंत्री मान के OSD घुम्मन ने बिक्रम मजीठिया को भेजा कानूनी नोटिस, 24 घंटे में पोट हटा माफी मांगने को कहा

कड़ी नाराजगी जताते हुए लगाया जुर्माना

डीए मामले में हाईकोर्ट के आदेशों की कथित अवहेलना को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया था। इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत के सख्त रुख से स्पष्ट है कि न्यायिक आदेशों के पालन में देरी और निर्धारित प्रक्रिया के प्रति उदासीनता को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

यह भी पढ़ें- पंजाब में ड्रग्स और गैंगस्टर नेटवर्क की NIA जांच की मांग, सुनील जाखड़ ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र

व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश

हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह तीन नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहें। उन्हें जवाब दाखिल कर यह स्पष्ट करना होगा कि हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों के अनुपालन के लिए अब तक कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं। साथ ही, आदेशों को पूरी तरह लागू करने के लिए कितनी समय-सीमा तय की गई है, इसकी जानकारी भी अदालत को देनी होगी।

यह भी पढ़ें- सुखपाल खैरा के निलंबन और एंट्री विवाद पर पंजाब विधानसभा में हंगामा, मीडिया बाइट को लेकर आप-कांग्रेस विधायक भिड़े