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    Punjab: जैमर, बॉडी स्कैनर, एक्स रे... करोड़ों खर्च करने के बजाय इच्छा शक्ति दिखाओ, हाई कोर्ट ने लगाई पंजाब सरकार को फटकार

    Updated: Sat, 13 Jan 2024 10:02 AM (IST)

    Punjab Latest News पंजाब सरकार जेल परिसरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित सीसीटीवी (CCTV) निगरानी प्रणाली लगा रही है। पंजाब पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा आठ जेलों में अभी इस पर काम चल भी रहा है। यदि जेल परिसर में कोई ऐसी गतिविधि होती है तो इस प्रणाली के तहत अलार्म बज उठेगा। ये जानकारी जेल अधिकारियों ने कोर्ट को दी..

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    जेल में फोन इस्तेमाल करता कैदी (संकेतात्मक चित्र) तथा पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

    चंडीगढ़, दयानंद शर्मा l चंडीगढ़ पंजाब की जेलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को रोकने व इन्हें फेंकने वालों पर शिकंजा कसने के लिए राज्य सरकार जेल परिसरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित सीसीटीवी निगरानी प्रणाली लगा रही है।

    पंजाब पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा आठ जेलों में अभी इस पर काम चल भी रहा है। यदि जेल परिसर में कोई ऐसी गतिविधि होती है तो इस प्रणाली के तहत अलार्म बज उठेगा। यह जानकारी शुक्रवार को राज्य सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दी। नाभा जेल से पाकिस्तान में कॉल कर नशे की तस्करी के मामले में हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई।

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    करोड़ों खर्च करने की बजाय सरकार दिखाए इच्छाशक्ति

    सरकार ने जैमर, बॉडी स्कैनर, एक्स रे आदि से जुड़ी योजना की जानकारी दी तो हाई कोर्ट ने कहा कि इन पर करोड़ों खर्च करने से पहले जेलों में मोबाइल की रोक के लिए सरकार की इच्छाशक्ति जरूरी है, जो हमें अभी तक दिखाई नहीं दे रही। हाई कोर्ट ने मामले में जेल अधिकारियों पर कार्रवाई कर 12 फरवरी तक रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।

    मामले को हल्के में नहीं लेंगे: जस्टिस पंकज जैन

    मामले की सुनवाई शुरू होते ही पंजाब सरकार ने हलफनामा दाखिल करते हुए बताया कि जेल से पाकिस्तान काल के मामले में जांच जारी है और इसे पूरा करने के लिए तीन सप्ताह की मोहलत दी जाए। इस पर जस्टिस पंकज जैन ने कहा सरकार तीन हफ्तों में इसके दोषी जेल अधिकारियों पर कार्रवाई कर जानकारी दे, अब हम इस मामले को हल्के में नहीं लेंगे।

    जस्टिस पंकज जैन ने कहा कि जेल में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को रोकने के लिए जैमर और अन्य सुविधाओं की जरूरत है और इस पर करोड़ों का खर्च आएगा, लेकिन इस पर रोकथाम के लिए सबसे जरूरी है सरकार की इच्छाशक्ति, जो कि अभी तक सरकार में दिखाई नहीं दे रही है। जेलों में जैमर लगा भी दिए जाएं तो भी जब तक सरकार में इच्छाशक्ति की कमी है, तब तक इस पर रोक नहीं लगेगी। जेलों में 121 प्रतिशत ज्यादा कैदी

    स्टाफ की भारी कमी

    हलफनामे में हाई कोर्ट को बताया गया कि जेलों में डीआइजी जेल के चार में से दो, सुपरिंटेंडेंट सेंट्रल जेल/एआइजी के 11 में से छह, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के 68 में से 20, असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट के 123 में से 38 और अन्य स्टाफ के 3192 में से 1382 पद रिक्त हैं, जबकि जेलों में कैदियों की संख्या तय से 121 प्रतिशत अधिक है।

    जेल में विभिन्न पद भरने के लिए 189 पद होंगे विज्ञापित

    सरकार ने बताया कि जेल में विभिन्न पद भरने के लिए 189 पद विज्ञापित किए गए हैं। दो आइजी और 10 इंस्पेक्टरों को डेपुटेशन पर लाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। हलफनामे में करीब 1450 रिक्त पदों को भरने के नाम पर 201 पदों की ही योजना सौंपी गई है।

    जेलों के लिए मांगी सीआरपीएफ की अतिरिक्त कंपनी

    हलफनामे में बताया गया है कि जेल विभाग में कर्मचारियों की कमी है, इसलिए पंजाब में दो एआइजी रैंक के अधिकारियों और दस निरीक्षकों की प्रतिनियुक्ति के संबंध में एक प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेजा गया है। जेल विभाग में सीआरपीएफ की अतिरिक्त कंपनी की तैनाती के संबंध में मामला भी मंत्रालय के पास उठाया गया है, जो विचाराधीन है। इसके अलावा जेलों में गश्त के लिए 16 ई-वाहन (4-सीटर) और 57 ई-बाइक खरीदे जा रहे हैं।

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