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पंजाब में 429 करोड़ की GST धोखाधड़ी का पर्दाफाश, मंत्री हरपाल चीमा बोले- 62 फर्जी फर्म्स आईं जांच के दायरे में

By Dr. Sumit Singh SheoranEdited By: Anuj Sharma
Published: Wed, 14 Oct 2026 05:01 PM (IST)

पंजाब में 429.30 करोड़ रुपये की कथित जीएसटी धोखाधड़ी सामने आई है। जांच में 62 फर्म्स चिह्नित हुईं। लुधियाना में ट्रांसपोर्टर और सहयोगियों पर प्राथमिकी दर्ज हुई।

मंत्री हरपाल चीमा।

मंत्री हरपाल चीमा।

HighLights

  1. पंजाब में 429 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी का खुलासा।

  2. जांच में 62 फर्जी फर्मों की पहचान, 25 पंजाब में सक्रिय।

  3. ई-वे बिल जांच से हुआ फर्जीवाड़े का पर्दाफाश।

डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब के कर विभाग ने 429.30 करोड़ रुपये की कथित जीएसटी धोखाधड़ी के मामले का पर्दाफाश किया है। जांच में कई राज्यों में सक्रिय 62 आपस में जुड़ी फर्म्स की पहचान हुई है। इनमें से 25 फर्म्स पंजाब में सक्रिय हैं। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को यह जानकारी दी।

चीमा ने बताया कि इस मामले में लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर-4 में 13 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें श्री बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक हर्ष थापर और उसके सहयोगियों सम्मी धीमान, जस व अन्य को आरोपित किया गया है। मामला भारतीय न्याय संहिता और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

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ई-वे बिल से खुला राज

वित्त मंत्री के अनुसार मामले की जांच 30 सितंबर को शुरू हुई, जब राज्य कर विभाग की खुफिया एवं रोकथाम इकाई ने दिल्ली से पंजाब आ रहे माल से लदे एक वाहन को रोका। वाहन के ई-वे बिल और बिलों में पंजाब की तीन फर्मों को माल की आपूर्ति दर्शाई गई थी।

हालांकि संबंधित फर्मों ने माल का ऑर्डर देने और खरीदने से इनकार कर दिया। इसके बाद विभाग ने ई-वे बिल के रिकॉर्ड और आंकड़ों की जांच की। इसमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए माल की ढुलाई करने वाले नेटवर्क का पता चला।

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जांच पुलिस को सौपी गई

चीमा ने बताया कि इस मामले में 2,410.22 करोड़ रुपये की कर योग्य राशि पर 429.30 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी का आरोप है। यह नेटवर्क मुख्य रूप से वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 में सक्रिय रहा। चीमा ने बताया कि पूरे नेटवर्क की आपराधिक जांच पुलिस को सौंप दी गई है।

कर विभाग को नेटवर्क से जुड़े लाभार्थी कारोबारियों की जांच करने, अनुचित तरीके से लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट का आकलन करने और बकाया कर, ब्याज व जुर्माना वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कर चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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