फेस्टिवल सीजन पर पंजाब के कर्मचारियों को राहत, डीए बढ़कर हुआ 50 प्रतिशत, आदेश जारी
त्योहारों के सीजन से पहले पंजाब सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा देते हुए आठ प्रतिशत डीए बढ़ा ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री भगवंत मान।
HighLights
पंजाब सरकार ने कर्मचारियों के डीए में 8% की बढ़ोतरी की।
महंगाई भत्ता अब बढ़कर कुल 50 प्रतिशत हो गया है।
बढ़ा हुआ डीए इसी महीने के वेतन के साथ जारी होगा।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। फेस्टिवल सीजन शुरू होने से पहले पंजाब के सरकारी मुलाजिमों और पेंशनर्स को सरकार ने बड़ी राहत दी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ कर्मचारी जत्थेबंदियों की चंडीगढ़ में हुई बैठक में लंबित महंगाई भत्ते (डीए) को लेकर सहमति बन गई। सरकार ने डीए में आठ प्रतिशत बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।
यह बढ़ोतरी चार-चार प्रतिशत की दो किस्तों में होगी। इसके बाद पंजाब के कर्मचारियों का डीए बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा। खास बात यह है कि बढ़ा हुआ डीए इसी महीने के वेतन के साथ जारी किया जाएगा। फेस्टिवल सीजन से ठीक पहले हुए इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान के अलावा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रधान एवं कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और कैबिनेट मंत्री डा. बलजीत कौर मौजूद रहे। कर्मचारी पक्ष की ओर से सांझा फ्रंट आफ पेंशनर्स, संयुक्त मुलाजिम मंच, पंजाब सचिवालय एसोसिएशन, पंजाब सिविल सचिवालय आफिसर्स एसोसिएशन (सेवानिवृत्त) सहित विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों के 12 प्रतिनिधियों को बैठक में बुलाया गया था।
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चार-चार प्रतिशत की दो किस्तों में मिलेगा लाभ
सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बनी सहमति के अनुसार डीए में कुल आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इसे चार-चार प्रतिशत की दो किस्तों में जारी किया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों को मिलने वाला कुल डीए 50 प्रतिशत हो जाएगा। सरकार की ओर से बढ़ा हुआ डीए इसी महीने के वेतन के साथ देने की बात कही गई है। ऐसे में फेस्टिवल सीजन से पहले कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी।
जालंधर में नहीं बन पाई थी बात
डीए और अन्य लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी संगठनों की ओर से आंदोलन किए जाने के दौरान जालंधर में मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी नेताओं के बीच बातचीत नहीं हो पाई थी। मुख्यमंत्री ने उस समय कहा था कि पहले कर्मचारी हड़ताल समाप्त करें, इसके बाद सरकार उनके साथ बातचीत करेगी। कर्मचारी नेता हड़ताल खत्म करने पर सहमत नहीं हुए थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री बिना बातचीत किए वहां से चले गए थे।
इसके बाद कर्मचारी नेताओं की मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के साथ बैठक हुई। इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री के साथ बातचीत का रास्ता साफ हुआ और शुक्रवार को चंडीगढ़ में कर्मचारी जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।
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लंबित डीए को लेकर चल रहा था आंदोलन
पंजाब के सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स लंबे समय से डीए की लंबित किस्तों और एरियर के भुगतान की मांग कर रहे थे। केंद्र सरकार के पैटर्न पर डीए जारी करने की मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने अगस्त और सितंबर में राज्यव्यापी आंदोलन भी किया। आंदोलन के दौरान सरकार ने ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के लिए काम नहीं तो वेतन नहीं का आदेश भी जारी किया था।
अब सरकार के आठ प्रतिशत डीए बढ़ाने के फैसले के बाद कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों पर भी नजर रहेगी। शुक्रवार की बैठक में डीए के अलावा कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
