पंजाब: 'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम' के तहत 5.10 लाख श्रद्धालुओं ने किए मुफ्त दर्शन, पर्यटन मंत्री का बयान
पंजाब के पर्यटन मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि 'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम' के तहत 5,10,807 श्रद्धालुओं ने मुफ्त में विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन किए हैं।
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मंत्री तरुनप्रीत सिंह ने गिनाईं मान सरकार की उपलब्धियां।
HighLights
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम से 5,10,807 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
50 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को मुफ्त यात्रा सुविधा
सुरक्षा, चिकित्सा और आवास के विशेष प्रबंध यात्रा के दौरान
डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने आज बताया कि भगवंत मान सरकार द्वारा शुरू की गई 'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम' के तहत 5,10,807 श्रद्धालुओं ने राज्य और राज्य के बाहर के विभिन्न धार्मिक स्थानों के दर्शन किए हैं।
उन्होंने कहा कि इस स्कीम का उद्देश्य धार्मिक स्थानों के दर्शन करने के इच्छुक बुजुर्ग नागरिकों को यात्रा की सुविधा प्रदान करना है। इस स्कीम के तहत उन्हें मुफ्त यात्रा और अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं।
आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, "मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम के तहत 5,10,807 श्रद्धालुओं ने राज्य के और राज्य के बाहर के विभिन्न धार्मिक स्थानों के दर्शन किए हैं।
वर्तमान में, इस स्कीम के अंतर्गत 95 ए.सी. बसें चलाई जा रही हैं और अब तक 12,485 चक्कर पूरे किए गए हैं।"
9 नवंबर 2025 से शुरू की गई थी स्कीम
पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री ने कहा, "यह स्कीम 9 नवंबर 2025 को शुरू की गई थी और इसके पहले चरण के दौरान, लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और माता नैना देवी की यात्रा की।"
उन्होंने कहा, "12 अगस्त 2026 को इस स्कीम का विस्तार करते हुए इसमें अन्य धार्मिक स्थानों जैसे श्री खाटू श्याम-सालासर बालाजी धाम, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा-वृंदावन को भी शामिल किया गया।"
कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, "इस स्कीम के तहत, 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोग इस तीर्थ यात्रा का लाभ ले सकते हैं। पंजाब सरकार द्वारा योग्य श्रद्धालुओं को ए.सी. स्लीपर बस के माध्यम से यात्रा, आवास और भोजन संबंधी सुविधाएं मुफ्त प्रदान की जाती हैं।"
सुरक्षा को लेकर किए गए हैं विशेष प्रबंध
पर्यटन मंत्री ने कहा, "यात्रा के दौरान संगतों की सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। हर बस में सहायक कर्मचारियों और मेडिकल स्टाफ की एक टीम तैनात की गई है, जबकि विभिन्न पड़ावों पर संगतों की सुविधा के लिए विशेष टीमें तैनात हैं।"
उन्होंने कहा, "संगतों के लिए किए गए प्रबंधों में साफ-सुथरे और अच्छे पखाने की सुविधा वाली एयर-कंडीशन्ड रिहायश के साथ-साथ यात्रा के दौरान भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं भी शामिल हैं।"
यात्रा समाप्ति पर दिया जाता है पीतल का गिलास
पर्यटन मंत्री ने कहा, "यात्रा के दौरान संगत बहुत खुश और संतुष्ट होती है और श्रद्धालु अक्सर शबद गाते जाते हैं। मैं अरदास करता हूं कि हर यात्रा सुरक्षित और शुभ हो और सारी संगत धार्मिक स्थानों पर माथा टेकने के उपरांत खुशी-खुशी अपने घर लौटे।"
उन्होंने आगे कहा, "यात्रा की समाप्ति पर, श्रद्धालुओं को प्रसाद और यादगार के रूप में पीतल का गिलास भी दिया जाएगा।"
पर्यटन मंत्री ने कहा, "यह स्कीम हर किसी के लिए खुली है, चाहे वह किसी भी क्षेत्र, जाति या धर्म से संबंधित हो। धार्मिक स्थानों के दर्शन करने और माथा टेकने के इच्छुक बुजुर्गों की सहायता करना ही इस पहल का उद्देश्य है।"
मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा, "मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर श्रद्धालु को पूरी यात्रा के दौरान उचित सुविधाएं और सहायता मिले।
संबंधित टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हाजिर रहें और यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया जाए।"
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