विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दूध के बाद पनीर पर सरकार सख्त, मिलावट के खिलाफ चला अभियान; दो दिन में 211 सैंपल लिए, 204 में से 68 हो चुके फेल

Published: Thu, 21 May 2026 07:30 AM (IST)

पंजाब सरकार ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए पूरे राज्य में पनीर सैंपलिंग अभियान चलाया। दो ...और पढ़ें

ये AI जनरेटेड इमेज है।

ये AI जनरेटेड इमेज है।

HighLights

  1. पंजाब में मिलावटी पनीर के खिलाफ विशेष अभियान शुरू।

  2. दो दिन में 211 पनीर के नमूने एकत्र कर जांच को भेजे।

  3. दूध के 68 नमूने पहले ही गुणवत्ता में फेल पाए गए।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सरकार ने अब पनीर पर बड़ा अभियान शुरू किया है। दूध की जांच के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) पंजाब ने पूरे राज्य में दो दिन का विशेष पनीर सैंपलिंग अभियान चलाकर 211 नमूने एकत्र किए हैं। ये नमूने स्थानीय डेयरियों, प्रोसेसिंग यूनिटों और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के खुदरा बिक्री केंद्रों से लिए गए।

सभी नमूनों को राज्य की मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां मिलावट, अशुद्धता और गुणवत्ता मानकों के आधार पर जांच की जाएगी।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह ने बुधवार को बताया कि पंजाब सरकार खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार सख्ती बरत रही है।

इसी कड़ी में सोमवार और मंगलवार को पूरे राज्य में पनीर सैंपलिंग अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि अगर कोई फूड बिजनेस आपरेटर तय मानकों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट-2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- पुरी जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के हस्तक्षेप से पंजाब की असमय रथ यात्रा टली, अब 16 जुलाई को होगी

ेंउचसम

ये AI जनरेटेड इमेज है।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान में वायुसेना का ट्रेनिंग विमान क्रैश, दोनों पायलट सुरक्षित

6-7 मई को लिए थे 204 सेंपल

डाॅ. बलबीर सिंह ने बताया कि पनीर अभियान से पहले 6 और 7 मई को राज्यभर में दूध सैंपलिंग अभियान चलाया गया था। उस दौरान 204 दूध के नमूने लिए गए थे। जांच रिपोर्ट में इनमें से 68 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि एक नमूना मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाया गया। इस खुलासे के बाद विभाग ने डेयरी उत्पादों की निगरानी और सख्त कर दी है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों तक सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री पहुंचाना है। मिलावटी दूध और डेयरी उत्पादों को सप्लाई चेन से बाहर करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि कहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका हो तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें, ताकि कार्रवाई की जा सके।

सफाई के लिए भी किया जा रहा जागरुक

एफडीए पंजाब की कमिश्नर कंवलप्रीत बराड़ ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी केवल सैंपल लेने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डेयरी संचालकों को स्वच्छता, भंडारण और सुरक्षित हैंडलिंग के नियमों के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आने वाले हफ्तों में ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।

यह भी पढ़ें- पाकिस्तान बॉर्डर से हिमाचल पहुंच रहा चिट्टा, शिमला पुलिस ने पंजाब के जलालाबाद से गिरफ्तार किया मुख्य सप्लायर