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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब में 31 मई तक ड्रग्स पर अंतिम प्रहार, DGP ने जारी की डेडलाइन; एक्शन प्लान में गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई

By Agency Edited By: Rajiv Mishra
Published: Sun, 27 Apr 2025 05:12 PM (IST)

पंजाब में नशा मुक्त पंजाब अभियान के तहत डीजीपी गौरव यादव ने पुलिस अधिकारियों को 31 मई तक नशे को ...और पढ़ें

पंजाब के डीजीपी ने 'नशा मुक्त पंजाब' अभियान के लिए 31 मई की समयसीमा तय की (File Photo)
पंजाब के डीजीपी ने 'नशा मुक्त पंजाब' अभियान के लिए 31 मई की समयसीमा तय की (File Photo)

एएनआई, चंडीगढ़। पंजाब में चल रहे 'नशे के खिलाफ युद्ध' के बीच, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने पुलिस अधिकारियों को इस साल 31 मई तक 'नशा मुक्त पंजाब' अभियान को समाप्त करने के लिए जारी समय सीमा का पालन करने का निर्देश दिया है। डीजीपी ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और पुलिस आयुक्त (सीपी) सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नशा मुक्त पंजाब सुनिश्चित करना होगा और इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।

कोई कमी मिलने पर अधिकारी होंगे जिम्मेदार

एसएसपी को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए एक ठोस योजना बनाएं कि राज्य का हर इलाका नशा मुक्त हो। अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे पंजाब में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को खत्म करने के लिए समय सीमा के साथ-साथ अपनी कार्ययोजना भी तैयार करें। डीजीपी ने कहा कि यदि समय सीमा के बाद कार्ययोजना में कोई कमी पाई जाती है और ड्रग्स पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी को दंडित किया जाएगा।

अमृतसर से एक ड्रग तस्कर गिरफ्तार

दो सप्ताह पहले, पंजाब पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने अमृतसर में एक ड्रग पदार्थ तस्कर को पकड़ा और उसके पास से 18.227 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। इस अभियान में खैरा गांव के निवासी हीरा सिंह को गिरफ्तार किया गया, जिसने कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित ड्रग तस्कर बिल्ला के साथ मिलकर राज्य में हेरोइन की तस्करी की थी। सिंह का सहयोगी कुलविंदर सिंह अभी भी फरार है, जिसके चलते पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए छापेमारी और जांच जारी है।

रोपड़ रेंज में पुलिस को मिली कामयाबी

नशे के खिलाफ युद्ध के आह्वान के बीच, पंजाब पुलिस ने रोपर रेंज के 1,228 ग्राम रक्षा समितियों और शहरी क्षेत्रों में 162 रक्षा समितियों का गठन करने में कामयाबी हासिल की है। रोपड़ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरचरण सिंह भुल्लर ने कहा कि 435 पंचायतों और वार्डों ने किसी को भी नशा बेचने की अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया है, जिसे पुलिस बड़ी उपलब्धि मानती है।

पंजाब सरकार नशे के खिलाफ छेड़ रखी है जंग

डीआईजी भुल्लर ने एएनआई को बताया कि पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ जंग छेड़ दी है। 1 जनवरी से 3 अप्रैल तक पुलिस ने गांवों में 1,228 रक्षा समितियां और शहरी इलाकों में 162 रक्षा समितियां बनाईं। रोपड़ रेंज में हमें सफलता मिली है। 435 पंचायतों और वार्डों में प्रस्ताव पारित कर यह तय किया गया कि यहां कोई भी नशा नहीं बेच सकता। यह पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा, "पंजाब पुलिस में अगर कोई भी व्यक्ति नशे के तस्करों (डीलरों) से जुड़ा पाया जाता है, तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा, उसे जेल भेजा जाएगा और उसकी नौकरी भी चली जाएगी।"