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हरपाल चीमा के खिलाफ 15 सितंबर को कांग्रेस का प्रदर्शन, चन्नी बोले- मंत्री को बर्खास्त कर गिरफ्तार करें

Published: Sun, 13 Sep 2026 04:51 PM (IST)

गुलजार सिंह की मौत के मामले में कांग्रेस 15 सितंबर को चंडीगढ़ में विरोध मार्च निकालेगी। चन्नी ने हरपाल चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग उठाई।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी।

HighLights

  1. कांग्रेस 15 सितंबर को हरपाल चीमा के खिलाफ प्रदर्शन करेगी।

  2. गुलजार सिंह मौत मामले में बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग।

  3. सचिन पायलट के नेतृत्व में पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। गुलजार सिंह की मौत के मामले को लेकर पंजाब कांग्रेस अब आम आदमी पार्टी सरकार पर दबाव बढ़ाने की तैयारी में है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर 15 सितंबर को होने वाले कांग्रेस के विरोध मार्च की जानकारी साझा की है।

कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने और मामले में उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पार्टी का यह प्रदर्शन नए पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के नेतृत्व में शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।

चरणजीत सिंह चन्नी की ओर से साझा किए गए कार्यक्रम के मुताबिक, 15 सितंबर को सुबह 11 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस पार्टी कार्यालय से विरोध मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च आम आदमी पार्टी के मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर जाएगा। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।

कांग्रेस का कहना है कि गुलजार सिंह की दुखद मौत के मामले में हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी ने उनकी मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी के साथ तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई है। चन्नी के एक्स पोस्ट के बाद यह मुद्दा पंजाब कांग्रेस के राजनीतिक अभियान में प्रमुखता से सामने आया है।

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पायलट के नेतृत्व में पहला बड़ा प्रदर्शन

करीब 20 दिन पहले सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था। इससे पहले यह जिम्मेदारी भूपेश बघेल के पास थी। पायलट के सामने प्रदेश कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने और नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाने की चुनौती है। ऐसे में 15 सितंबर का मार्च उनके नेतृत्व में पार्टी का पहला बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।

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राजा वड़िंग की मौजूदगी पर नजर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की इस प्रदर्शन में भागीदारी पर भी नजर रहेगी। लंबे समय से अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस में नेताओं के बीच मतभेद और गुटबाजी की चर्चा रही है। ऐसे में हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ प्रदर्शन के बहाने कांग्रेस नेतृत्व पार्टी को एकजुटता का संदेश देने की कोशिश करेगा।

कांग्रेस का यह मार्च एक तरफ गुलजार सिंह की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास होगा, वहीं दूसरी तरफ सचिन पायलट के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस की राजनीतिक ताकत दिखाने का अवसर भी होगा।

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