'मैं अभी कुछ नहीं कह सकता!' वड़िंग के इस्तीफे पर सचिन पायलट का बड़ा बयान, पंजाब कांग्रेस में सस्पेंस गहराया
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद पर सस्पेंस जारी है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बायो में पूर्व अध्यक्ष लिखने के बावजूद ...और पढ़ें

सचिन पायलट और अमरिंदर सिंह राजा वडिंग।
HighLights
राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया पर खुद को 'पूर्व अध्यक्ष' बताया।
सचिन पायलट ने पंजाब कांग्रेस नेतृत्व पर टिप्पणी से इनकार किया।
कांग्रेस हाईकमान पंजाब में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है।
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे और नेतृत्व परिवर्तन की खबरों को लेकर पिछले 24 घंटे से चल रहा सस्पेंस थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस हाईकमान की ओर से अब तक न तो राजा वड़िंग के इस्तीफे की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की गई है और न ही नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कोई लिखित आदेश जारी किया गया है।
इस पूरे सियासी ड्रामे के बीच राजा वड़िंग ने अपने इंटरनेट मीडिया (एक्स और फेसबुक) खातों पर खुद को 'पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष' (फॉर्मर प्रेसिडेंट) के रूप में अपडेट कर दिया है, जिससे असमंजस की स्थिति और गहरा गई है।
दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान जब पंजाब मामलों के प्रभारी सचिन पायलट से राजा वड़िंग के इस्तीफे और नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया। सचिन पायलट ने केवल इतना कहा कि वे फिलहाल इस मामले पर कोई जानकारी साझा नहीं कर सकते। नए प्रभारी के इस रुख से पार्टी के भीतर और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार और ज्यादा गर्म हो गया है।
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कांग्रेस फूंक-फूंक कर रख रही कदम
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान पंजाब में किसी भी तरह के बड़े अंदरूनी संकट या 'डैमेज कंट्रोल' की स्थिति से बचने के लिए बेहद फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। केंद्रीय नेतृत्व को इस बात का भली-भांति अहसास है कि आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले प्रदेश नेतृत्व में बिना तालमेल के बदलाव करने से पार्टी संगठन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
हालांकि नए अध्यक्ष की रेस में विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे आगे चल रहा है, लेकिन हाईकमान की तरफ से कोई अंतिम मोहर नहीं लगाई गई है।
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चन्नी व सिंगला ने हाईकमान पर छोड़ी बात
उधर, पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ और दिग्गज नेता भी इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने केवल इतना कहा कि राजनीति में प्रदेश अध्यक्ष और मौसम का मिजाज कब बदल जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला ने भी गेंद हाईकमान के पाले में डाल दी है। फिलहाल सुखजिंदर सिंह रंधावा और चरणजीत सिंह चन्नी समेत पंजाब के कई वरिष्ठ नेता दिल्ली में मौजूद हैं। ऐसे में अब सभी की नजरें संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के आधिकारिक पत्र और हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।
