इन्द्रप्रीत सिंह, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपनी सुरक्षा में लगे कर्मचारियों को कम करने के लिए जहां आज तीसरी बार डीजीपी को आदेश दिए हैं, वहीं आज कैबिनेट की मीटिंग में उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपनी सुरक्षा में लगे कर्मचारियों की गिनती को कम करें। उन्होंने कहा कि यह आम आदमी की सरकार है और लोगों में ऐसे संदेश भी जाना चाहिए। वीआइपी कल्चर खत्म होना चाहिए।

बता दें, कैबिनेट का कोई एजेंडा न होने के कारण आज सिर्फ नए मंत्रियों के साथ इसी बात पर चर्चा हुई कि इतने कम समय में सरकार का अक्स लोगों में कैसे बनाया जाए। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रस्ताव दिया कि सभी मंत्रियों को एक -एक जिला अलॉट किया जाए। हालांकि इस पर कई मंत्रियों ने कुछ जिलों को लेने में आनाकानी दिखाई जिस पर चन्नी ने कहा कि वह मुख्य सचिव को अपनी पसंद के जिले बताने को कहा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिस मंत्री की जिस जिले में ड्यूटी लगेगी वह एक हफ्ते में उसमें रहे और लोगों की बात सुने और हफ्ते में एक दिन चंडीगढ़ में लाेगों को सुनने के लिए रखे। कैबिनेट में यह भी फैसला हुआ कि कोई भी मंत्री कैबिनेट मीटिंग के बारे में मीडिया से बात नहीं करेगा और एक मंत्री की ड्यूटी लगाई जाएगी जो मीडिया को ब्रीफ करेगा। हर बैठक के बाद किसी एक मंत्री की रोटेशन के जरिए ड्यूटी लगेगी। आज की कैबिनेट को ब्रीफ करने के लिए मनप्रीत बादल की ड्यूटी लगी, लेकिन उनके विरोध के बावजूद कैबिनेट में शामिल किए अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने टीवी चैनलों को ब्रीफिंग दे दी।

आशू की नाराजगी

पता चला है कि कैबिनेट के बाद अनौपचारिक तौर पर मंत्री भारत भूषण आशू ने लुधियाना के पुलिस कमिश्नर नौनिहाल सिंह को बदलने का मामला उठाया। उन्होंने तो यहां तक कहा कि पहले हम कैप्टन साहिब से शिकायतें करते रहे हैं कि जब भी हमारे जिले में किसी को बदलना हो तो मंत्रियों से भी पूछा जाए। पूर्व मुख्यमंत्री के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार अक्सर हमसे पूछकर अफसरों को बदलते थे, लेकिन अब तो पुलिस कमिश्नर को बदलने में भी हमसे नहीं पूछा गया।

 

Edited By: Kamlesh Bhatt