विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रियंका गांधी के प्रयासों से हुआ रास्ता साफ, पंजाब में सुखपाल खैहरा सहित AAP के तीन बागी विधायक कांग्रेस में शामिल

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Thu, 03 Jun 2021 11:57 AM (IST)Updated: Fri, 04 Jun 2021 07:53 AM (IST)

पंजाब में आप के बागी सुखपाल सिंह खैहरा सहित तीन विधायक कैप्टन अमरिंदर सिंह की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल ...और पढ़ें

दिल्ली रवाना होने से पूर्व आप के बागी विधायकों के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह।
दिल्ली रवाना होने से पूर्व आप के बागी विधायकों के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह।

चंडीगढ़ [इन्द्रप्रीत सिंह]। आम आदमी पार्टी के तीन बागी विधायक सुखपाल खैहरा, पिरमल सिंह (भदौड़ से) और जगदेव सिंह कमालू (मौड़ से) कांग्रेस में शामिल हो गए। वीरवार को दिल्ली रवाना होने से पूर्व कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें पार्टी में शामिल करवाया। कैप्टन ने कहा कि तीनों विधायकों को कांग्रेस में शामिल करने की पार्टी प्रधान सोनिया गांधी से स्वीकृति पहले ही ले ली गई थी।

तीनों विधायकों की कांग्रेस पार्टी में उस समय एंट्री हुई है जब कांग्रेस में क्लेश चल रहा है। इस क्लेश को शांत करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने तीन सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया हुआ है। कमेटी के सामने पेश होने के लिए जाने से पहले मुख्यमंत्री ने तीनों विधायकों को पार्टी ज्वाइन करवा कर आम आदमी पार्टी को झटका दिया है। तीनों विधायकों ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्पीकर को इस्तीफा भेज दिया है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ सुखपाल खैहरा, पिरमल सिंह व जगदेव सिंह।

सुखपाल खैहरा, पहले भी भुलत्थ विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस के एमएलए रह चुके हैं, लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह से सुर न मिलने के कारण उन्होंने दिसंबर 2015 में पार्टी को अलविदा कहकर आम आदमी पार्टी का झाड़ू थाम लिया था। यह वह दौर था जब पंजाब में आम आदमी पार्टी राजनीतिक रूप से ऊंचाइयां छू रही थी।

2017 के विधानसभा चुनाव में खैहरा आप के विधायक बने। आप ने एचएस फूलका को नेता प्रतिपक्ष बनाया लेकिन महज 4 महीने के बाद ही फूलका ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद पार्टी ने सुखपाल खैहरा को नेता विपक्ष बना दिया। आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा अकाली दल के विधायक व पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया से ड्रग्स वाले मामले में माफी मांगने के चलते खैहरा नाराज हो गए।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने उन्हें विश्वास में नहीं लिया। उनके साथ लगभग आठ विधायक भी बागी होकर अलग ग्रुप चलाने लगे। इस बीच आप ने इन विधायकों को निलंबित कर दिया। इसी ग्रुप में कमालू और पिरमल सिंह भी थे। खैहरा ने 2019 में आप से इस्तीफा देकर पंजाबी एकता पार्टी बनाई और बठिंडा से लोक सभा चुनाव लड़े। जहां उनकी जमानत तक जब्त हो गई।

प्रियंका गांधी के प्रयासों से हुए कांग्रेस में शामिल

सुखपाल खैहरा के दो अन्य विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल होने के पीछे प्रियंका गांधी का हाथ है। किसान आंदोलन में मारे गए युवा किसान नवरीत सिंह डिबडिबा के भोग अवसर पर रूदरपुर में सुखपाल खैहरा प्रियंका गांधी से मिले थे। असल में जब वह भोग के अवसर पर भाषण दे रहे थे उस समय प्रियंका गांधी और रणदीप सुरजेवाला भी समारोह में थे।

सुरजेवाला ने ही प्रियंका गांधी को बताया कि यह पहले कांग्रेस में ही थे, लेकिन नाराज होकर आप में शामिल हो गए। इस पर प्रियंका गांधी ने सुरजेवाला से खैहरा को उनसे मिलवाने को कहा। उसी मुलाकात में खैहरा के कांग्रेस में वापसी का रास्ता साफ हो गया। इसके लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी विश्वास में लिया गया। चूंकि खैहरा के बहनोई रि. जस्टिस रणजीत सिंह मुख्यमंत्री के खासे करीबी है। अतः मुख्यमंत्री ने भी खैहरा की घर वापसी को हरी झंडी दे दी।

कई दिनों से चर्चाएं थी कि आप के बागी नेता सुखपाल खैहरा दो अन्य विधायकों पिरमल सिंह व जगदेव सिंह के साथ कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। यह तीनों विधायक आज कैप्टन के साथ रवाना हुए हैं। बताया जा रहा है कि ये विधायक आज ही कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि इससे पहले खैहरा का कहना था कि उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा विरोधी फैला रहे हैं।

बता दें, सुखपाल सिंह खैहरा आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के बिक्रम मजीठिया से माफी मांगने से खफा हो गए थे। उन्होंने आप के खिलाफ बगावत कर दी और आधा दर्जन के करीब विधायक आप से बागी होकर उनके साथ आ गए थे। इन सभी ने मिलकर एक नया ग्रुप बना लिया था। आप ने जुलाई 2018 में सुखपाल सिंह खैहरा को विपक्ष के नेता से हटा दिया था।

इससे पहले आप के बागी विधायक जगदेव सिंह कमालू ने माना था कि कांग्रेस नेताओं ने उनसे संपर्क जरूर किया है, लेकिन अभी वह किसी पार्टी में शामिल होने का मन नहीं बना पाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिअद ने भी उन्हें पेशकश दी है, लेकिन बेअदबी के मुद्दे पर हलके में अकाली दल का विरोध हो रहा है, इसलिए उन्होंने अकाली नेताओं को साफ मना कर दिया है। 

विधायक पिरमल सिंह का कहना था कि वह लंबे समय से लाइनमैन की मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वह दावा करते हैं कि उन्होंने कई लाइनमैन की नौकरी पक्की करवा दी है। 59 का मामला उनकी आयु ज्यादा होने के कारण लटका है। सरकार के पास काफी पावर होती है। यदि मुख्यमंत्री चाहें तो वह इन्हें पक्का कर सकते हैं। इसके बाद ही वह कुछ विचार करेंगे।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।