विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027: फिर सियासी मुद्दा बना 'नशा', अमित शाह और राहुल गांधी बता चुके सबसे बड़ी समस्या

Published: Fri, 06 Nov 2026 02:11 PM (IST)

वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में नशे की समस्या सबसे बड़ा सियासी मुद्दा बन गई है। भाजपा, ...और पढ़ें

दशहरे पर लुधियाना में बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह और दो दिन पहले संगरूर में रैली के दौरान राहुल गांधी।

दशहरे पर लुधियाना में बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह और दो दिन पहले संगरूर में रैली के दौरान राहुल गांधी।

HighLights

  1. पंजाब में नशा 2027 चुनाव का मुख्य मुद्दा।

  2. अमित शाह, राहुल गांधी ने आप सरकार को घेरा।

  3. एनसीआरबी आंकड़े दिखाते नशे की गंभीर स्थिति।

डाॅ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात बिछने के साथ ही नशा एक बार फिर सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनता जा रहा है। पंजाब में जिस नशे के मुद्दे को लेकर एक दशक पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राजनीतिक विरोधियों के तीखे हमलों का सामना करना पड़ा था, आज उसी मुद्दे पर भाजपा से लेकर कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल तक सभी दल आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने में जुटे हैं।

विधानसभा चुनाव में हर पार्टी इसी मुद्दे के साथ मैदान में उतरेगी। 20 अक्टूबर को पंजाब दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नशे के खिलाफ लड़ाई को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाते हुए 2029 तक पंजाब ही नहीं पूरे देश से नशा खत्म करने का संकल्प जताया है।

अमित शाह ने पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उधर जवाब में आप नेताओं ने भाजपा पर पलटवार करते हुए पहले गुजरात में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की चुनौती दे डाली।

बुधवार को फिर से संगरूर में राहुल गांधी की रैली ने इस मुद्दे को फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया। राहुल गांधी ने पंजाब में नशे की समस्या के लिए सीधे तौर पर भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों को जिम्मेदार ठहराया।

उधर, शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल भी लगातार नशे के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं। अकाली नेताओं का आरोप है कि आप सरकार के दावों के बावजूद पंजाब में नशे की समस्या खत्म नहीं हुई है। भाजपा भी इसे कानून-व्यवस्था और सीमा पार से होने वाली तस्करी से जोड़कर आक्रामक रुख अपना रही है।

यह भी पढ़ें- गृहमंत्री अमित शाह से केजरीवाल के तीखे सवाल, बिहार-गुजरात समेत 4 राज्यों में नशा क्यों नहीं रुका?

प्रदेश में गंभीर बन चुकी नशे की समस्या

नशे की समस्या केवल राजनीतिक आरोपों तक सीमित नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से जारी एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में वर्ष 2024 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 8,973 मामले दर्ज हुए। नशे की ओवरडोज से 106 लोगों की मौत दर्ज की गई, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 89 था। यानी राजनीतिक दलों के दावों और आरोपों के बीच नशे की समस्या की गंभीरता आंकड़ों में भी साफ तौर पर दिखाई दे रही है।

यह भी पढ़ें- 'परविंदर झोटा को न्याय दिलाने में नहीं छोड़ेंगे कोई कसर', पीड़ित परिवार से मिले सचिन पायलट; संसद में उठेगी इंसाफ की आवाज

राहुल गांधी के बयान पर मचा था सियासी बवाल

पंजाब में नशे को चुनावी मुद्दा केवल इस बार ही राहुल गांधी ने नहीं उठाया है। 2017 के विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान पंजाब में हुई रैली में राहुल गांधी ने दावा किया था कि पंजाब के 70 प्रतिशत युवा नशे से प्रभावित हैं। उस समय भाजपा और दूसरे राजनीतिक दलों ने राहुल के इस बयान की जमकर आलोचना की थी। दस वर्ष बाद फिर से राहुल के पंजाब दौरे पर नशा मुद्दा सिर्फ कांग्रेस नहीं सभी पार्टियों की टाप लिस्ट में शामिल हो गया है।

यह भी पढ़ें- पूर्व ED डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह और DSP सेखों की वारिस पंजाब दे में एंट्री, पंजाब में नशा-भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम तेज

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।