पंजाब में OPS पर सियासत, प्रताप बाजवा ने उठाए सवाल, कहा- वादे से पीछे हट रही सरकार
विधानसभा में विपक्ष के नेता ने राज्य सरकार पर पुरानी पेंशन बहाल करने के वादे से पीछे हटने का आरोप ...और पढ़ें

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा।
HighLights
प्रताप बाजवा ने OPS वादे से मुकरने का आरोप लगाया।
सरकार अब अंशदायी पेंशन व्यवस्था लाने की तैयारी में।
बाजवा ने इसे कर्मचारियों के साथ बड़ा विश्वासघात बताया।
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मौजूदा सरकार पर सरकारी कर्मचारियों से पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने के चुनावी वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया है। बाजवा ने कहा कि सरकार पुरानी पेंशन योजना लागू करने के बजाय अब अंशदायी पेंशन व्यवस्था लाने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ एक और विश्वासघात करार दिया। बाजवा ने कहा कि पेंशन व्यवस्था की समीक्षा के लिए गठित समिति का कार्यकाल चार महीने बढ़ाया जाना सरकार की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है। उनके अनुसार, सरकार अब ‘गारंटीकृत पेंशन’ व्यवस्था पर विचार कर रही है, जिसमें कर्मचारियों का अंशदान जारी रहेगा। बाजवा ने कहा कि ऐसी व्यवस्था को पुरानी पेंशन योजना के बराबर नहीं कहा जा सकता।
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सत्ता में आने से पहले किया था वादा
उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने गैर-अंशदायी पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का स्पष्ट वादा किया था। अगस्त 2021 में तत्कालीन विपक्ष के नेता और मौजूदा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी सार्वजनिक रूप से पुरानी पेंशन योजना को पार्टी के चुनावी वादे में शामिल करने और सत्ता में आने पर इसे लागू करने की बात कही थी।
बाजवा ने कहा कि सत्ता में आने के बाद सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली का सैद्धांतिक निर्णय लिया और अधिसूचना भी जारी की, लेकिन करीब चार साल बाद भी कर्मचारी अंतिम व्यवस्था का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार को इस मामले में कितनी समितियों और कितने विस्तार की जरूरत है।
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10 प्रतिशत अंशदान तो फिर पुरानी पेंशन से अंतर क्या
बाजवा ने कहा कि यदि प्रस्तावित व्यवस्था में कर्मचारियों को वेतन का 10 प्रतिशत अंशदान देना होगा तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह पुरानी पेंशन योजना से कैसे अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आने के बीच सरकार इस मुद्दे को लगातार टाल रही है।
बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सीधा जवाब मांगा कि सरकार पुरानी पेंशन योजना लागू करेगी या अंशदायी पेंशन व्यवस्था। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को नए नाम और नई समितियों के बजाय स्पष्ट निर्णय और जवाबदेही चाहिए।
