बाबा फरीद यूनिवर्सिटी में वीसी के पास पहुंचे प्रगट सिंह, भर्ती व खरीद अनियमितताओं पर उठाए सवाल
पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रगट सिंह ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी में हुई कथित भर्ती और खरीद अनियमितताओं को लेकर वीसी से ...और पढ़ें

बाबा फरीद यूनिवर्सिटी पहुंचे प्रगट सिंह।
HighLights
प्रगट सिंह ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी में भर्ती अनियमितताओं पर सवाल उठाए।
चिकित्सा उपकरण खरीद और फार्मेसी पेपर लीक की जांच की मांग।
उन्होंने निष्पक्ष जांच और राजनीतिक दबाव से मुक्ति की वकालत की।
जागरण संवाददाता, फरीदकोट। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज में सामने आई कथित भर्ती गड़बड़ियों और वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रगट सिंह शुक्रवार वाइस चांसलर डाॅ. राजेंद्र बंसल से मिलने पहुंचे।इस मुलाकात के दौरान उन्होंने पूरे मामले की पारदर्शी जांच करवाने की मांग उठाई।
उप-कुलपति से मुलाकात के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए प्रगट सिंह ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में कई ऐसे पदों पर भर्तियां की गई हैं, जिनकी विभागीय स्वीकृति तक नहीं थी।
यही नहीं, कुछ नियुक्तियों पर करीब सवा-सवा लाख रुपये तक की भारी-भरकम राशि खर्च किए जाने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि यह सीधे तौर पर विद्यार्थियों के भविष्य और सार्वजनिक धन से जुड़ा मामला है, इसलिए इसमें कोई भी लीपापोती नहीं होनी चाहिए।
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पेपर लीक मामले पर उठाए सवाल
पूर्व मंत्री ने विश्वविद्यालय में अत्यधिक ऊंची दरों पर चिकित्सा उपकरणों और आईसीयू बेडों की खरीद प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है और नियमों की अनदेखी की गई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने फार्मेसी भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रभावित युवाओं को जल्द से जल्द न्याय और राहत मिलनी चाहिए।
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जांच एजेंसियों पर न हो राजनीतिक दबाव
प्रगट सिंह ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय किसी सरकार या व्यक्ति विशेष की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि समाज का एक प्रतिष्ठित ढांचा है। उन्होंने कहा कि चाहे पुलिस जांच कर रही हो या सतर्कता विभाग (विजिलेंस), जांच निष्पक्ष और बिना किसी राजनीतिक दबाव के होनी चाहिए। उन्होंने राज्य में नशीले पदार्थों के फैलाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया।
