चंडीगढ़, [सुमेश ठाकुर]। कोरोना महामारी की वजह से लगी पाबंदियों से हर वर्ग प्रभावित हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों के साथ है। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया और वह मानसिक तनाव के साथ सेक्सुअल और फिजिकल एव्यूज के शिकार हो रहे हैं। बच्चों की मदद लिए 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन में भी कोरोना काल के बाद से सेक्सुअल, फिजिकल एव्यूज के साथ रनअवे के केसों में बढ़ोतरी हुई है। केस बढ़ने के अलग-अलग कारण हैं। सेक्सुअल और फिजिकल एव्यूज का एक बड़ा कारण आर्थिक स्थिति और घर में पति-पत्नी का आपसी रिश्ता है। पति-पत्नी का रिश्ता ठीक नहीं होने के चलते सेक्सुअल और फिजिकल एव्यूज का शिकार 18 साल से कम उम्र के बच्चे हो रहे हैं, जिसमें नाबालिग लड़कियों की संख्या ज्यादा है। 

चंडीगढ़ की चाइल्ड हेल्पलाइन प्रोजेक्ट डायरेक्टर डा. संगीता झुंड के बताया कि उनके पास जो मामले आ रहे हैं उनमें काउंसलिंग में सबसे बड़ा कारण पति-पत्नी की आपसी अनबन है। मां-बाप के बीच लड़ाई-झगड़ा के कारण बच्चों के माता-पिता अलग-अलग रहते हैं। ऐसे में इसका सीधा असर बच्चों पर पड़ रहा है। क्योंकि बच्चों को माता-पिता में से एक के साथ रहना पड़ता है। यदि बच्ची पिता के पास रह रही है या तो पिता की हवस का शिकार बनती है या फिर पिता के घर से बाहर जाने के बाद दूसरे लड़कों के बहकावे में आकर सेक्सुअल हरासमेंट का शिकार होती है। फिजिकल एव्यूज के केस का भी यही बड़ा कारण है।

जान-पहचान वालों के साथ भाग रही नाबालिग लड़कियां

डा. संगीता ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते खासकर लड़कियां घर से बाहर कम निकलती हैं। ऐसे में वह मानसिक और भावनात्मक रूप में घर के आसपास रहने वालों के साथ अटैच हो रही है। जैसे ही उन्हें मौका मिलता है तो वह उनके साथ घूमने-फिरने के इरादे से भाग जाती हैं। बच्ची भागने वाले के साथ यदि फिजिकल रिलेशन बनाती है तो वह वापस घर जाने से भी इन्कार करती हैं, जिसके बाद उनकी काउंसिलिंग करना बड़ी चुनौती है।

एक अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक और एक अप्रैल से 31 अगस्त तक आई कॉल्स

सेक्सुअल एव्यूज             18                         30

फिजिकल एव्यूज            72                         32     

एनअवे                         19                         26

Edited By: Ankesh Thakur